Tuesday, January 13, 2026
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Kanpur News : दीनहीन महिलाओं का नया ठिकाना बना ‘अपना घर’ : महापौर

सड़कों पर रहने वाली जीवन के अंतिम पड़ाव की महिलाओं को दी जाएगी प्राथमिकता

कानपुर (हि.स.)। भीख मांगकर सड़कों पर रहने को मजबूर महिलाओं को देखकर सदैव मन व्यथित होता था। ऐसी महिलाओं के जीवन में सुधार के लिए निजी तौर पर बराबर प्रयास किये गयें पर स्थाई रुप से समाधान नहीं मिल सका। महापौर बनने के बाद यह ख्याल आया कि संस्था के जरिये कुछ किया जा सकता है और श्रृजन सोसाइटी इस पर राजी हो गयी। संस्था के सहयोग से नगर निगम के चुन्नीगंज स्थित रैन बसेरा में ऐसी महिलाओं के लिए नया ठिकाना ‘अपना घर’ बना दिया गया है। यह बातें मंगलवार को महापौर प्रमिला पाण्डेय ने ‘अपना घर’ के शुभारंभ के दौरान कही। 
 नगर निगम व डूडा कानपुर द्वारा संचालित चुन्नीगंज स्थित रैन बसेरा में उन लोगों को रुकने की व्यवस्था थी जो बाहर से आते थे या शहर में किन्ही कारणवश अपने घर पर रहने में असमर्थ थे। ऐसे सभी लोगों को नाममात्र का शुल्क भी लिया जाता था, पर अब रैन बसेरा के एक भाग में ‘अपना घर’ नाम से सड़कों पर रहने वाली दीनहीन महिलाओं की ठहरने की व्यवस्था कर दी गयी है। श्रृजन सोसाइटी की अध्यक्ष उमा शुक्ला ने बताया कि ‘अपना घर’ एक सोच है और यह दीनजनों का घर है । जिनका न कोई घर है न ठिकाना जिनके लिए जीवन जीना नरक से भी बदतर हो चुका है। ऐसी महिलाएं जीवन के अन्तिम पड़ाव में प्लेटफार्म, बस स्टैण्ड, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों के आस—पास तथा निर्जन स्थलों के पास मरणासन्न पड़े वेदनाओं के अन्तिम कष्टों को झेल रही होती हैं। इन दीनजनों के पास पीड़ा के समय में दर्द के लिए दवा, पेट के लिए भोजन व तन के लिए कपड़ा तो दूर की बात है। अन्तिम समय में पानी तक नसीब नहीं होता है। ऐसे में आश्रय गृह चुन्नीगंज में ऊपर की दो मंजिलों में असहाय, लावारिस बीमार महिलाओं को आश्रय दिया जायेगा। जिसमें उनके भोजन कपड़े व चिकित्सा के साथ सभी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति संस्था द्वारा जन सहयोग से की जायेगी। 
सचिव जेपी सिंह ने बताया कि इन महिलाओं की आवश्यक पूर्ति के लिए अपना घर में पट्टिका रखी गयी है। इसमें दैनिक आवश्यकतायें सुई से लेकर एम्बुलेन्स, भोजन व वस्त्र आदि समाग्री की  सूची निर्धारित पट्टिका पर लिख दी जाती है। जिसे पूरा करने के लिए ठाकुर जी विभिन्न मानव स्वरुपों में आते हैं।

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