Friday, March 20, 2026
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Kanpur News : चोरी की कार से घूमने वाले बिठूर थानाध्यक्ष को मिली नये थाने की जिम्मेदारी

कानपुर (हि.स.)। अक्सर विवाद में रहने वाले बिठूर थानाध्यक्ष कौशलेन्द्र प्रताप सिंह को शिवराजपुर थाने का चार्ज दिया गया है। बिठूर थानाध्यक्ष रहने के दौरान वह कई विवादों से घिरे रहे। दो साल तक चोरी की कार से घूमने का उनका सबसे बड़ा विवाद सामने आया था। 

डीआईजी डा. प्रीतिन्दर सिंह ने बिठूर थानाध्यक्ष रहे कौशलेन्द्र प्रताप को हटाकर शिवराजपुर थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया है। वहीं, उनकी जगह पर शिवराजपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा को बिठूर थाने की जिम्मेदारी दी है। 
बिठूर थाने की बात की जाये तो जनपद की सीमा से सटे होने के चलते हर एसओ उस थाने का थानाध्यक्ष बनना चाहता हैं। कुछ इसी तरह की मंशा लेकर तत्कालीन थानाध्यक्ष कौशलेन्द्र प्रताप सिंह भी आये थे। थाने की जिम्मेदारी मिलते ही वह विवादों में घिरते चले गये। उनका सबसे बड़ा विवाद हाल दिनों में दो समुदाय के विवाद को लेकर हुआ था। यह विवाद मस्जिद और हिन्दू बाबा की समाधि को लेकर था। दो समुदाये के बीच चल रहे इस विवाद को तूल देने के लिए कुछ आराजकतत्वों ने यहां की गुम्बदनुमा बनी दीवार को तोड़ दिया था। इसके बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गये थे। 
आरोप है कि मामले को शांत कराने पहुंचे थानाध्यक्ष कौशलेन्द्र प्रताप ने एक पक्ष की बात सुनी और कहा कि उनके अधिकारियों आदेश पर यहां टूटी हुई दीवार को दोबारा से जोड़ा जायेगा। इसके बाद वह स्वयं मिस्त्री और मजदूर को लेकर निर्माण कार्य कराने को लेकर विवादित स्थल पर पहुंच गये थे। जब इसकी जानकारी स्थानीय भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा को हुई तो वह सैकड़ों  ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गये। इस बीच दूसरे समुदाय के लोग शहरकाजी के साथ  पहुंच गये। स्थिति तनावपूर्ण होने लगी। लेकिन धर्मगुरुओं-शहरकाजी और यहां के ग्रामीणों से हुई बातचीत के बाद विधायक ने पुलिस को हिदायत देते हुए कहा कि दोनों पक्षों की बात सुनी गयी है। जब तक इस मामले का कोई अहम निस्तारण नहीं हो जाता है तो यहां पर कोई निर्माण नहीं किया जायेगा। विधायक की इस बात को लेकर सभी राजी हो गये। 
इसी तरह एक और मामला प्रकाश में आया था कि बिठूर थानाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप जब आवास विकास चौकी इंचार्ज थे तब इन्होंने चोरी की कार का इस्तेमाल किया था। बिठूर थानाध्यक्ष बनने के बाद भी वह दो साल तक इसी कार से घूमते हुए पाये गये थे। जबकि विज्ञापन एजेंसी संचालक बर्रा निवासी ओमेंद्र सोनी ने कार चोरी होने की शिकायत बर्रा थाने में दर्ज करा रखी थी। इस मामले का खुलासा होने के बाद थानाध्यक्ष कौशेलन्द्र प्रताप पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और सिपाही विकास बघेल को बलि का बकरा बनाकर थाने से हटा दिया गया था। सिपाही को हटाये जाने को लेकर पुलिस विभाग में ऐसी चर्चाएं हुई कि बिकरू कांड में कौशलेंद्र प्रताप को दो गोलियां लगी थीं। उनको प्रशस्ति पत्र भी मिला था। इसलिए उनको दोषी नहीं बनाया गया है। 
Submitted By: Edited By: Deepak Varun

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