कारोबार चौपट होने से मालिक सिनेमाघरों को बंद करने की ओर हो चुके हैं अग्रसर
कानपुर (हि.स.)। वैश्विक महामारी कोरोना से ऐसा कोई भी कारोबार अछूता नहीं रहा जो इस भंवर में न फंसा हो। लेकिन कोरोना ग्राफ कम होने से अब धीरे—धीरे ज्यादातर कारोबार उछाले भर रहा है, पर अभी भी सिनेमाघरों में दर्शकों की चहलकदमी न के बराबर है। इसके पीछे एक और कारण बनता जा रहा है कि नई फिल्में आनलाइन रिलीज हो रही हैं। ऐसे में सिनेमाघरों के मालिक सिनेमाघरों को बंद करने के लिए मजबूर होते दिखाई दे रहे हैं।
मालरोड स्थित सपना पैलेस के मालिक मंगल सिंह ने बताया कि बीते वर्ष कोरोना महामारी के दौरान 22 मार्च से 15 नवम्बर तक सभी सिनेमाघरों को खोलने का आदेश सरकार द्वारा आया था। जिसके बाद हमने अपनी टाकीज को सेनिटाईजेशन करवाते हुए 16 नवम्बर को दर्शकों के लिए खोल दिया था। लेकिन दर्शक अभी तक न कि ही बराबर सिनेमाघरों में आ रहे है। लॉक डाउन में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा न तो हम सिनेमाघरों के संचालकों को राहत दी। न ही हमारे व्यवसाय पर ध्यान दिया। जिसकी वजह हम सबको काफी हद तक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि जबसे ओ.टी.पी ऑनलाइन फिल्मों को उतारा गया है। तबसे फ़िल्म थियेटर के प्रति उत्साह देखने को नहीं मिलता है।
श्याम पैलेस के मालिक अजय गुप्ता ने बताया कि अभी तक हम एक साल से हम कोविड-19 के प्रकोप से गुजर रहे हैं। जबकि सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन कराते हुए हम दर्शकों को सिनेमा घर में प्रवेश दे रहे है। लेकिन बॉलीवुड की नई फिल्मों के परदों पर न आने से कहीं न कहीं दर्शक के मन को खिन्न करने का काम कर रहा है। उनका कहना है कि हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड की मूवी जिसको सिनेमाघरों में न लाकर ऑनलाइन रिलीज किया है। जिससे सिनेमा घरों के संचालको पर एक गहरा आघात है। अगर इसी तरह फिल्मों को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। बहुत ज्यादा समय नहीं लगेगा कि सिनेमाघर बंद हो जाएंगे। देश को डिजिटल करण में तब्दील किया जा रहा है जिससे देश का विकास हो न कि हम जैसे व्यापारियों के व्यापार ठप हो।
