सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देती हैं कुरान की आयतें, कोर्ट से है उम्मीद
कानपुर (हि.स.)। अपने बयानों को लेकर विवादास्पद रहने वाले शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है कि कुरान की 26 आयतों को बाहर किया जाये। इस पर मुस्लिम समुदाय में जबरदस्त आक्रोष है। कानपुर में भी मुस्लिम समुदाय रिजवी के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है और कहा गया कि वसीम रिजवी कुरान की 26 आयतों पर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। रिजवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिये और राष्ट्रपति खुद मामले का संज्ञान ले, ताकि मुसलमानों की धार्मिक आस्था आहत न हो।
शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ आक्रोश अब कोर्ट से लेकर सड़क तक आ गया है। मुस्लिम संगठनों का आरोप है कि मुस्लिम विरोधी ताकतों को खुश करने के लिए वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयतें हटाने की याचिका दाखिल की है। विरोध स्वरुप कानपुर में भी मुस्लिम एकत्र हो रहे हैं। सोमवार को करोड़ों लोगो की आस्था को आहत करने वाले वसीम रिजवी पर कार्यवाही को लेकर मोहम्मदी यूथ ग्रुप का एक प्रतिनिधि मंडल ग्रुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड के नेतृत्व में जिलाधिकारी आलोक तिवारी से मिला व महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया। प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने दुनिया में सबसे अधिक पढ़े जाने वाले पवित्र धर्मग्रंथ कुरान शरीफ की 26 आयतों को भ्रामक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर भारत के संविधान व मुसलमानों की धार्मिक आस्था को आहत किया। कुरान शांति, भाईचारा, प्रेम, सदभाव, मानवता, सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। वसीम रिजवी द्वारा द्वारा याचिका में जो बाते कही गयी हैं वो भ्रामक व असत्य हैं। कोई भी धर्मग्रंथ नफरत की शिक्षा नहीं देता। देश प्रेम और मानवता की शिक्षा देने वाली पवित्र धर्मग्रंथ की आयतों में कट्टरता का कोई स्थान नहीं है। देश की कानून व्यवस्था खराब करने, अराजकता फैलाने, दुनिया में भारत की छवि बिगाड़ने की मंशानुसार कुरानशरीफ की 26 आयतों का भ्रामक प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। वसीम रिजवी को कड़ी धाराओं में मुकदमा लगाकर जेल भेजने व वक्फ की जमीनों में उनके भ्रष्टाचार/घोटालों की जांच कराना अति आवशयक है। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन राष्ट्रपति भवन भेज दिया जाएगा। इस दौरान शबनम आदिल, मोहम्मद तौहीद सिद्दीकी, शफाअत हुसैन डब्बू, कौसर अंसारी, सुनील बाल्मीकि, हसीना बेगम, रुचि सोनकर, शकील अहमद, आरती, एजाज़ रशीद आदि मौजूद रहें।
