Friday, March 6, 2026
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Kanpur News : एक मार्च से चलेगा जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान – सीडीओ

– जन्म मृत्यु पंजीकरण, टीबी रोगी की खोज के साथ कुपोषित बच्चों की भी सूची बनायेंगी आशा
– संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय बैठक 
कानपूर (हि.स.)। कोविड- 19 टीकाकरण के बीच स्वास्थ्य विभाग ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह और दस्तक अभियान के लिए कमर कस ली है जिले में संचारी रोग नियंत्रण माह एक मार्च से 31 मार्च 2021 तक चलाया जाएगा। जो इस वर्ष का प्रथम चरण है। संचारी रोग नियंत्रण माह की पूरी तैयारी कर ली गई है। जिसके लिए शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ महेंद्र कुमार की अध्यक्षता में की बैठक। अन्य विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने का प्रयास किया जायेगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचारी रोग नियंत्रण माह के अंतर्गत 10 मार्च से 24 मार्च तक दस्तक अभियान चलेगा। उन्होंने बताया दस्तक अभियान में फिजिकल डिस्टेंसिंग, हाथों की धुलाई और मास्क की अनिवार्यता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य कार्यकर्ता  सावधानी रखते हुए लोगों को मलेरिया एवं कोरोना से बचाव के बारे में बेहतर तरीके से जागरूक कर सकें। अभियान में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, ग्राम्य  विकास एवं पंचायती राज विभाग, शिक्षा एवं. नगर निगम, कृषि विभाग, पशु पालन विभाग आदि का पूर्ण सहयोग होगा। 
उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ता तथा आंगनबाड़ी द्वारा घर घर जाकर लोगो को संचारी रोगों से बचाव के उपाय, लक्षण एवं निकटतम स्वास्थ्य केंद्र के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी। इस दौरान आशा कार्यकर्त्ताओं द्वारा दिमागी बुखार के लक्षणों एवं उपचार के विषय में समुदाय को जागरूक किया जाएगा। आशा द्वारा घरों के अंदर प्रवेश कर मच्छरों के पैदा होने वाली परिस्थितियों का निरिक्षण किया जाएगा। मलेरिया जांच में भी आशा कार्यकर्ताओं द्वारा सहयोग किया जाएगा। साथ ही कॉविड—19 रोग के प्रसार की स्थिति के चलते कई बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। ऐसे वंचित बच्चों की सूची भी आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गृह भ्रमण के दौरान तैयार की जायेगी। 
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि इस चरण में आशा कार्यकर्ता द्वारा बुखार के अतिरिक्त खांसी तथा सांस लेने में दिक्कत या परेशानी की शिकायत वाले रोगियों को भी चिन्हित किया जाएगा तथा उन्हें कोविड जांच के लिए संदर्भित करेंगी। साथ ही इस दौरान टीबी रोगियों की खोज, जन्म मृत्यु पंजीकरण और कुपोषित बच्चों की सूची भी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता द्वारा बनाई जाएगी।

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