Wednesday, January 14, 2026
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हिमाचल कांग्रेस संकट गहराया! मंत्री के बेटे ने मांगा इस्तीफा, मचा हड़कंप

मंत्री के बेटे नीरज भाटी ने पिता से मांगा इस्तीफा, हिमाचल कांग्रेस संकट में आई

ट्रांसफर-पोस्टिंग घोटाले से बढ़ी सुक्खू सरकार की मुश्किलें, मंत्री के बेटे के गंभीर आरोप

राज्य डेस्क

शिमला। हिमाचल कांग्रेस संकट अब खुलकर सामने आ गया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के भीतर एक और असंतोष की आग सुलग उठी है, जिसने सीधे-सीधे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह विवाद उस वक्त जोर पकड़ गया जब पार्टी के पूर्व विधायक नीरज भाटी ने अपने पिता और वर्तमान सरकार में मंत्री चंदर कुमार से इस्तीफा मांगते हुए सार्वजनिक बयान जारी कर दिया।

नीरज भाटी ने 19 जून को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और पिता से इस्तीफे की मांग की। भले ही बाद में पोस्ट डिलीट कर दी गई, लेकिन हिमाचल कांग्रेस संकट की जड़ें गहरी हो चुकी थीं। इस प्रकरण ने सरकार की नीतियों और प्रशासनिक हस्तक्षेपों पर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं दोनों के बीच बहस छेड़ दी।

मंत्री चंदर कुमार ने बेटे के बयान को ’युवावस्था की हताश प्रतिक्रिया’ करार देते हुए मामला शांत करने की कोशिश की, लेकिन खुद उन्होंने माना कि ट्रांसफर-पोस्टिंग की व्यवस्था में अनियंत्रित हस्तक्षेप से ‘भानुमती का पिटारा’ खुल गया है। यानी यह सिर्फ पारिवारिक असहमति नहीं, बल्कि सरकार की आंतरिक व्यवस्था में खलबली का संकेत भी है।

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20 जून को नीरज भाटी ने दोबारा सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी लड़ाई केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए है। उन्होंने यहां तक कहा कि वह अपने ही पिता के खिलाफ अगला विधानसभा चुनाव लड़ने को तैयार हैं। यह बयान हिमाचल कांग्रेस संकट की गंभीरता को और उजागर करता है।

नीरज उसी दिन शिमला पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मेरा विरोध विकास के खिलाफ नहीं है। लेकिन मैं ट्रांसफर-पोस्टिंग जैसे कार्यों में पैसे लेने की प्रवृत्ति के खिलाफ हूं। मैंने इसी वजह से पिता को इस्तीफा देने को कहा।’

मंत्री चंदर कुमार ने भी बाद में आरोप लगाया कि एक व्यक्ति, जो 2023 के उपचुनाव में उनके साथ जुड़ा था, आजकल ट्रांसफर के मामलों में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह शख्स उनके बेटे की पूर्ववर्ती विधानसभा जावाली में भी दखल दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है मुख्यमंत्री इस व्यक्ति की गतिविधियों से अनभिज्ञ हों।

हिमाचल कांग्रेस संकट में रविवार शाम उस समय कुछ राहत दिखी जब मुख्यमंत्री सुक्खू और नीरज भाटी के बीच बातचीत हुई। नीरज ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने मेरी बातें ध्यान से सुनीं और निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई का भरोसा दिया। मतभेद खत्म हो गए हैं।’ लेकिन जानकारों की मानें तो मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।

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हिमाचल कांग्रेस संकट गहराया! मंत्री के बेटे ने मांगा इस्तीफा, मचा हड़कंप
मंत्री चंदर कुमार और उनका बेटा पूर्व विधायक नीरज भाटी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दबी जुबान में स्वीकार कर रहे हैं कि कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच संवादहीनता तथा प्रशासनिक पहुंच की कमी हिमाचल कांग्रेस संकट को जन्म दे रही है। कई नेता यह भी मानते हैं कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर असंतोष पहले से मौजूद था, अब यह सतह पर दिखने लगा है।

इस विवाद ने भाजपा को भी हमलावर बना दिया है। हिमाचल भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा, ‘इस कांग्रेस सरकार में कुछ भी नया नहीं है। सुक्खू सरकार में न मंत्री संतुष्ट हैं, न कार्यकर्ता। 2023 में जब पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने पिता की मूर्ति लगाने की अनुमति न मिलने पर इस्तीफे की धमकी दी थी, वही स्थिति आज फिर दिख रही है।’

हिमाचल कांग्रेस संकट सिर्फ एक मंत्री और उनके बेटे के बीच का मतभेद नहीं, बल्कि सत्ता और संगठन के बीच गहराते अविश्वास और संवादहीनता का प्रतीक बन गया है। यदि पार्टी समय रहते इससे नहीं निपटी, तो आने वाले दिनों में यह संकट और भी बड़ा रूप ले सकता है।

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