मनकापुर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में स्पष्ट दिखा सामंती प्रभाव
जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। भले ही पूरे देश में आजादी की 75वीं वर्षगांठ से ठीक पहले 75 सप्ताह तक चलने वाला आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा हो, किन्तु आजाद भारत के इन लोगों के चित्र चीख-चीखकर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि वे अब भी सामंती जकड़न में हैं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक न होकर अभी भी ब्रिटिश काल वाली गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं। यह चित्र शनिवार को जिले के मनकापुर तहसील में जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के हैं। वह पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र के साथ यहां सम्पूर्ण समाधान दिवस में जन समस्याओं की सुनवाई करने पहुंचे थे। आजादी के दशकों बाद तक इस क्षेत्र की जनता मनकापुर राजघराने के समक्ष नतमस्तक रहा करती थी। इसे राजा आनंद सिंह का प्रताप ही कहेंगे कि उनकी इच्छा के विरुद्ध क्षेत्र में पत्ता भी नहीं हिलता। क्षेत्र के तमाम छोटे-बड़े मामले उनकी कचहरी में ही निपटाए जाते थे। महाराज को हाथ जोड़कर प्रणाम करके उनका आशीर्वाद लेने के लिए जनता घंटों पेड़ों की छाया में बैठकर प्रतीक्षा किया करती थी। एक समय था, जब राजा साहब ने जिसको चाहा, उसे सांसद और विधायक बना दिया।

अधिकारियों से क्या कहना चाह रहे हैं ये फरियादी
कहा जाता है कि गोंडा और बलरामपुर संयुक्त जिलों के 11 विधानसभाओं के सादे टिकट पार्टी की तरफ उन्हें दे दिया जाता था, और वह जिसे चाहते थे, उसका नाम भरकर दे देते थे और वह विधायक चुन लिया जाता था। आजादी के 75 वर्षों में बहुत कुछ बदल गया किन्तु लगता है कि इस क्षेत्र की अधिकांश विशेषकर दलित, कमजोर और गरीब जनता की अभी मानसिकता नहीं बदली है। हाथ जोड़कर फरियाद करने की उनकी आदत अभी नहीं छूट रही है। यह दृश्य शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर स्पष्ट दिखाई पड़ा। कई ऐसे फरियादी अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के समक्ष पहुंचे, जिनके दोनों हाथ आपस में जुड़े हुए थे। वे बिल्कुल निरीह और असहाय की मुद्रा में अपनी बात रख रहे थे। ऐसा नहीं है कि हाथ जोड़ने का काम केवल जिलाधिकारी के समक्ष किया जा रहा था। एसपी, एसडीएम, एसडीएम न्यायिक आदि जितने भी अधिकारी मंच पर विराजमान थे, जब भी कोई फरियादी उनके समक्ष आता था तो वह अपने हाथ जोड़ लिया करता था।

अधिकारियों ने की 247 मामलों की सुनवाई
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार को फरियादियों की समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने हेतु सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को प्रेषित किया। तहसील मनकापुर में कुल 247 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिसमें 07 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही किया गया। शेष प्रार्थना पत्रों को सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को प्रेषित करते हुये निर्देशित किए हैं कि निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुये आख्या तहसील में उपलब्ध करायें। डीएम ने कहा कि अवैध अतिक्रमण के मामले में पुलिस फोर्स के साथ मौके पर जाकर अधिकारी प्रकरण का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। साथ ही तालाब, अवैध कब्जा, चकरोड, नाली के अतिक्रमण को पुलिस फोर्स के साथ हटवाने का कार्य करें। शिकायत कर्ताओं को मौके पर बुलाएं। उसके आने पर लिखित रूप से इसके निस्तारण में उल्लेख करें और इसकी फोटोग्राफी भी कराएं।

दो अधिशासी अभियंताओं का डीएम ने रोका वेतन
डीएम ने पूर्व में आयोजित तहसील दिवस में प्राप्त हुए प्रार्थना पत्रों की समीक्षा भी की, जिसमें पाया गया कि एक्सईएन प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग व अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड-3 के द्वारा प्रार्थना पत्रों का निस्तारण समय से नहीं किया गया है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने उनके वेतन अवरुद्ध करने के निर्देश दिए। तहसील परिसर में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा पौधरोपण भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आरएस केसरी, डीसी एनआरएलएम एनवी सविता, उपनिदेशक कृषि शैलेन्द्र शाही, जिला पंचायत राज अधिकारी रोहित भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी, जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, जिला पूर्ति अधिकारी सुरेन्द्र यादव सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इस मौके पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने लाभार्थियों को आवासीय एवं घरौनी का प्रमाण पत्र वितरित किया।

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महत्वपूर्ण सूचना
गोंडा जिले के युवा जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार और नवागत सीडीओ गौरव कुमार की अगुवाई में जिले में बड़े बदलाव की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। दोनों युवा अधिकारी Transforming Gonda के नारे के साथ जिले के चाल, चरित्र और चेहरे में आमूल चूल परिवर्तन लाना चाहते हैं। जिले के विकास के लिए शुरू की गई अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं इसी दिशा में किए जा रहे कोशिशों का परिणाम है। आगामी 21 जून को जब पूरा विश्व योग दिवस मना रहा होगा, तब योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि की जन्म स्थली पर इन दोनों अधिकारियों ने कुछ विशेष करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य है कि जिले की बड़ी आबादी को उस दिन योग से जोड़ा जाय। इस क्रम में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए जनपद के ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए YOGA DAY GONDA नाम से एक फेसबुक पेज बनाया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से जरूरी सूचनाएं, गतिविधियों आदि की जानकारी व फोटोग्राफ इत्यादि इसी पेज पर शेयर किए जाएंगे। कृपया आप इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हुए इससे जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पेज को LIKE करें तथा अपने परिचितों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
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