एसडीएम ने निषेधाज्ञा का हवाला देकर नहीं दी थी धरने की अनुमति
पूर्व मंत्री व विधायकों समेत दो दर्जन से अधिक नेताओं को जारी हुई है नोटिस
जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर की पहल पर सपा नेताओं ने नवाबगंज में युवक की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर शनिवार को लेकर दिया जाने वाला धरना स्थगित कर दिया है। इससे पूर्व पार्टी की तरफ से 25 सितम्बर को थाने के सामने धरने का ऐलान किया गया था। प्रशासन द्वारा भी इसे विफल करने के लिए चौसर बिछाई जा रही थी। जानकारी के अनुसार, एसपी की पहल पर सपा के कई वरिष्ठ नेताओं निवर्तमान सपा जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप यादव, पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे, रमेश गौतम व सपा नेता मनोज चौबे आदि ने शुक्रवार की देर शाम पुलिस अधीक्षक से उनके आवास पर मुलाकात किया। बताते हैं कि एसपी ने उन्हें प्रशासन द्वारा अब तक की गई कार्रवाई से बिन्दुवार अवगत कराया। साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि पुलिस घटना में दोषी लोगों के विरुद्ध किसी प्रकार की नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है। दोषी लोगों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने पार्टी नेताओं को प्रकरण में तेजी से कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया। बताते हैं कि एसपी की ओर से दिए गए आश्वासन के उपरान्त सपा नेता मान गए और 25 सितम्बर को आयोजित धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया। निवर्तमान जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप ने बताया कि इस मामले में एसपी की ओर अब तक की गई कार्रवाई से हम सब संतुष्ट हुए। दोषियों की जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन पर धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
इस बीच प्रशासन की तरफ से धरना प्रदर्शन को विफल करने के लिए दूसरी रणनीति पर भी काम हो रहा था। धरना प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगे जाने पर उपजिला मजिस्ट्रेट तरबगंज शत्रुघ्न पाठक ने निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए धरना प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही एक साल तक धरना प्रदर्शन न करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। एसडीएम ने निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए दो पूर्व मंत्री व तीन पूर्व विधायकों समेत नवाबगंज क्षेत्र के 26 लोगों को शुक्रवार को पुलिस ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में 24 सितंबर को एसडीएम न्यायालय पर उपस्थित होकर एक लाख रुपए मुचलका भरने के लिए कहा गया है। उपजिला मजिस्ट्रेट शत्रुघ्न पाठक ने बताया कि नवाबगंज में आक्रोशित भीड़ ने मार्ग जाम कर बड़े पैमाने पर हिंसा की थी। सपा नेताओं ने 24 सितंबर तक आरोपी प्रभारी निरीक्षक तेज प्रताप सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी न होने पर 25 सितंबर को दोबारा प्रदर्शन करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में त्योहारों का सीजन है। इसलिए धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। उपजिला मजिस्ट्रेट ने सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप उर्फ पप्पू यादव, पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव, पूर्व विधायक राम विशुन आजाद, बैजनाथ दूबे, नंदिता शुक्ला, पूर्व एमएलसी महफूज खां, रणविजय सिंह, पूर्व विधायक रमेश गौतम, विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सूरज सिंह, संजय विद्यार्थी, फिरोज खान उर्फ गब्बर, राम भजन चौबे, मस्त राम यादव, दिनेश यादव, राधेश्याम यादव, गंगाराम यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, अंकित तिवारी, सुभाष यादव, रमेश यादव, राकेश यादव, रामकरन, यदुनंदन यादव, संतोष यादव तथा श्रीपति यादव को निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए नोटिस जारी करके पाबंद किया गया है। पुलिस नेताओं को नोटिस तामीला की कवायद में जुटी हुई है। सूत्रों की मानें तो नेताओं के वाट्स एप्प नंबरों पर नोटिस भेजी जा चुकी है। सपा निवर्तमान जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप यादव ने प्रशासन द्वारा जारी नोटिस पर कहा कि पार्टी के लोग पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। वह प्रशासन द्वारा दी गई नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा की सपा के लोग कोई अपराधी नहीं जो मुचलका भरें।
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