अब तहसील छोड़ ग्राम सचिवालय में बैठेंगे लेखपाल, आन लाइन भेजेंगे अटेंडेंस
वीडीओ और वीपीओ भी अब ब्लाक छोड़ सचिवालय में जमाएंगे डेरा, CDO ने जारी किया आदेश
जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अधिकाधिक लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों की उपस्थिति उनके तैनाती स्थलों पर सुनिश्चित कराने की कोशिश शुरू हो गई है। जिलाधकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार के निर्देश पर राजस्व तथा ग्राम विकास विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। नवागत सीडीओ एक तरफ जहां गूगल मीट के सहारे विकास खण्ड स्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति जांच रहे हैं तो दूसरी तरफ उप जिलाधिकारी सदर ने लेखपालों के तैनाती क्षेत्र वाले गांवों का कलस्तर बनाते हुए उनके तैनाती क्षेत्र के गांवों में उपस्थित रहने का आदेश दिया है।

‘गूगल मीट’ से उपस्थिति जांच रहे सीडीओ
इसी प्रकार मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर विकास विभाग में भी ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारियों को भी अपने तैनाती वाले ग्राम पंचायतों में उपस्थित रहने का फरमान जारी किया जा चुका है। शासन के निर्देश के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह प्रतिदिन पूर्वान्ह 9ः30 बजे अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित होकर शासकीय कार्यों का संपादन शुरू करेंगे। साथ ही अपने विकास खंड में कार्यरत सभी ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारियों (ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी आदि) की उपस्थिति भी उनके तैनाती स्थल पर सुनिश्चित कराएंगे। सीडीओ ने कहा है कि चूंकि ग्राम विकास व ग्राम पंचायत अधिकारियों को एकाधिक ग्राम पंचायतें आवंटित हैं। इसलिए उनके प्रत्येक ग्राम पंचायत में उपस्थिति दिवस का एक रोस्टर बनवा लिया जाय, कि अमुक कर्मचारी सप्ताह के अमुक दिन को अमुक ग्राम पंचायत में उपस्थित रहकर शासकीय कार्य निपटाएगा। उन्होंने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को यह सुनिश्चित कराने का निर्देश भी दिया है कि सम्बंधित कर्मचारी तय रोस्टर के अनुरूप अपने ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। सीडीओ ने सभी कर्मचारियों के निर्धारित रोस्टर की एक प्रति संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा जिला विकास अधिकारी कार्यालय में भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने शासन के निर्देशों के क्रम में मातहत कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए कोशिशें शुरू भी कर दी हैं। पिछले दिनों विकास भवन का औचक निरीक्षण करने के बाद पिछले दो दिनों से पूर्वान्ह साढ़़े नौ से साढ़े दस बजे तक वह गूगल मीट के माध्यम से विकास खण्डों में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति चेक करते हैं और सभी को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। ‘हिन्दुस्तान डेली न्यूज’ से वार्ता करते हुए सीडीओ गौरव कुमार ने कहा कि शासन द्वारा संचालित विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों की अधिकाधिक उपस्थिति उनके तैनाती स्थल पर रहना अति आवश्यक है। गांवों में रहने से उन्हें कोई गुमराह नहीं कर सकेगा और किसी भी योजना में पात्र व्यक्तियों के चयन में कोई पात्र व्यक्ति छूटेगा भी नहीं। उन्होंने कहा कि हम यथा संभव तकनीक का इस्तेमाल करके भी शासकीय योजनाओं व कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

जीपीएस मैप से हाजिरी भेजेंगे लेखपाल
सदर तहसीलदार राजीव मोहन सक्सेना ने बताया के जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर विनोद कुमार सिंह ने तहसील क्षेत्र के सभी लेखपालों को कलस्तर बनाकर नए सिरे से राजस्व ग्राम आवंटित किया है। इस फेरबदल में करीब 50 लेखपाल प्रभावित हुए हैं, किंतु इसमें यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि किसी भी लेखपाल का कानूनगो क्षेत्र एक से अधिक न हो। उन्होंने कहा, ‘अब तक यह होता रहा है कि लेखपालों की कम संख्या होने के कारण उन्हें एकाधिक लेखपाल क्षेत्र आवंटित किया जाता था, किंतु दोनों क्षेत्रों में दूरी अधिक होने के कारण उन्हें शासकीय कार्यों के संपादन में असुविधा का सामना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत सभी लेखपालों को यथासंभव एक ही कानूनगो क्षेत्र में तैनात किया गया है, जिससे उन्हें अतिरिक्त प्रभार वाले राजस्व ग्रामों तक पहुंचने के लिए अधिक दूरी न तय करना पड़े।’ उन्होंने बताया कि प्रत्येक लेखपाल के लिए उपस्थिति दिवस भी पहले से तय कर दिया गया है। अब उन्हें केवल प्रत्येक मंगलवार को ही तहसील में उपस्थित रहना होगा। सप्ताह के अन्य कार्य दिवसों में सभी लेखपाल अपने आवंटित राजस्व ग्राम के सचिवालय में बैठकर शासकीय कार्य संपादित करेंगे। लेखपालों के क्षेत्र में रहने से जरूरत मंद व्यक्तियों का अनावश्यक तहसील पर भाग दौड़ कम हो जाएगी। एक से अधिक लेखपाल क्षेत्र का प्रभार देखने वाले लेखपालों का रोस्टर बनाकर आम जनता के सूचनार्थ जारी कर दिया गया है। तहसीलदार ने कहा कि हम अपने आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहे हैं। हमने सभी लेखपालों को आदेश दिया है कि वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तहसील के व्हाट्सएप ग्रुप पर जीपीएस मैप के साथ लिया गया फोटो भेजेंगे, जिसमें अक्षांश, देशांतर (स्थान का नाम) के साथ ही दिनांक और समय भी दर्ज होता है। यदि कोई लेखपाल ऐसा करने में अस्मर्थ रहता है तो यह माना जाएगा कि वह उस तिथि को अपनी ड्यूटी पर नहीं था। इस प्रकार से गोंडा प्रशासन ‘योगी सरकार-जनता के द्वार’ की संकल्पना को यथार्थ बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
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महत्वपूर्ण सूचना
जिले के युवा जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार और नवागत सीडीओ गौरव कुमार की अगुवाई में जिले में बड़े बदलाव की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। दोनों युवा अधिकारी Transforming Gonda के नारे के साथ जिले के चाल, चरित्र और चेहरे में आमूल चूल परिवर्तन लाना चाहते हैं। जिले के विकास के लिए शुरू की गई अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं इसी दिशा में किए जा रहे कोशिशों का परिणाम है। आगामी 21 जून को जब पूरा विश्व योग दिवस मना रहा होगा, तब योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि की जन्म स्थली पर इन दोनों अधिकारियों ने कुछ विशेष करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य है कि जिले की बड़ी आबादी को उस दिन योग से जोड़ा जाय। इस क्रम में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए जनपद के ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए YOGA DAY GONDA नाम से एक फेसबुक पेज बनाया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से जरूरी सूचनाएं, गतिविधियों आदि की जानकारी व फोटोग्राफ इत्यादि इसी पेज पर शेयर किए जाएंगे। कृपया आप इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हुए इससे जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पेज को LIKE करें तथा अपने परिचितों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
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जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
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