जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। हमारे बीच से इल्म का वह सूरज चला गया, जिसके किरणों से आज देश जगमगा रहा है। एक वक्त था, जब गोण्डा के लोग कम्प्यूटर से अनजान थे। तब बाबा जी ने एमएसआईटी नाम का एक पौधा लगाया जो अब वट वृक्ष का रूप ले चुका है। बाबा जी ने गोण्डा के शिक्षित युवाओं के लिए नौकरी मेले का आयोजन किया, जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कंपनियां शामिल हुईं और बेहतर रोजगार दिया। बाबा जी ने दर्जनों मस्जिदों मदरसों का निर्माण किया है। उन्होंने इंसानों की खिदमत के लिए हमेशा काम किया। यही वजह है कि मीनाइया से हिंदू, मुस्लिम सभी धर्म के लोग प्यार करते हैं। यह बातें भोंका पसका के जल्ले पुरवा में आयोजित जलसे में मौलाना मुजक्किर ने कही। इस अवसर पर अल्लामा कारी, निसार अहमद मिस्बाही, कारी आजम मीनाई, कारी शकील मीनाई, हाजी सुबराती एवं हाजी एहसान मिनाई आदि उपस्थित रहे।
