बाढ़ के पानी से घिरे नकहरा गांव के नौ मजरे
जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। विभिन्न बैराजों से घाघरा नदी में छोड़े गए पानी से नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया है। शुक्रवार को दोपहर में नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर प्रवाहित हो रही थी। परिणाम स्वरूप जिले के कर्नलगंज तहसील के नकहरा गांव के नौ मजरे चारो तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद के लिए निःशुल्क नावों की व्यवस्था की है।
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह नकहरा गांव के नौ मजरे पानी से घिर गए हैं। क्षेत्र के बेहटा, परसावल, नैपुरा सहित माझा रायपुर गांव में भी घाघरा का पानी पहुंचने लगा है। लोगों का कहना है कि यदि जल स्तर में और अधिक वृद्धि हुई तो लोगों का सुरक्षित ठिकानों पर पलायन शुरू हो जाएगा। पानी भरने से सबसे अधिक दिक्कत पशुओं को हो रही है। उनको न तो चारा मिल रहा है और न ही रहने का उचित स्थान। नकहरा गांव के कुछ लोगों ने रिंग बांध पर सुरक्षित स्थान की तलाश शुरू कर दी है। ग्राम प्रधान छेदीलाल का कहना है कि नकहरा गांव के नौ मजरे पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल ने बताया कि बाढ़ के दृष्टिगत 23 बाढ़ चैकियों को सक्रिय कर दिया गया है। कर्नलगंज व तरबगंज तहसीलों के कुछ गांवों में रास्तों पर पानी भर गया है, वहां पर जिला प्रशासन द्वारा नावों की निःशुल्क व्यवस्था करा दी गई है। उन्होंने बताया कि तहसील कर्नलगंज के ग्राम नकहरा के 07 मजरों सहित कुल 12 मजरों में तथा तरबगंज तहसील के 10 मजरों में (प्रत्येक में एक-एक) कुल 22 नावें लगी हुईं हैं, जिससे लोग आवागमन कर रहे हैं। इस बीच कर्नलगंज के एसडीएम ज्ञान चन्द्र गुप्ता ने बताया कि एल्गिन ब्रिज पर आज दोपहर 12 बजे घाघरा नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर प्रवाहित हो रही है। अगले 24 घण्टे के दौरान इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। क्षेत्र के गौरा सिंहपुर बाढ़ नियंत्रण केन्द्र को सक्रिय कर दिया गया है। मौके पर राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद हैं। अधिशासी अभियन्ता बाढ़ कार्य खण्ड वीएन शुक्ल ने बताया कि वर्तमान में घाघरा नदी में विभिन्न बैराजों से छोड़े गए तीन लाख 45 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह है। उन्होंने कहा कि जिले में फिलहाल कहीं भी गंभीर बाढ़ की स्थिति नहीं है।
