जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। बार एसोसिएशन के संघ भवन में मंगलवार को आयोजित संयुक्त संघों की बैठक में एक बार फिर ग्राम न्यायालय के गठन की प्रक्रिया वापस लिये जाने तथा कोरोना महामारी के समय बेतहाशा फीस बढ़ोत्तरी वापस लिए जाने की मांग की गई। बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीना नाथ त्रिपाठी व सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र त्रिपाठी तथा बार एसोसिएशन के महामंत्री मनोज कुमार सिंह एवं सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप कुमार पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सदन को अवगत कराया कि पिछले दिनों हमारा शिष्टमण्डल जनपद न्यायाधीश से मिला था। उन्होंने कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है। जो मांगें बची हैं, उसके लिये आगे लड़ाई जारी रहेगी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी ने कड़े शब्दों में कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट, न्यायिक कार्य के अलावा पब्लिक कार्य करने का अधिकार है। अधिवक्तागण न्यायिक कार्य से विरत हैं। आम जनमानस किसी पब्लिक के कार्य के लिये जाये तो सम्मान पूर्वक उनका कार्य करें। अगर ऐसा नहीं करती हैं तो आगे उनके खिलाफ कठोर लड़ाई लड़ी जायेगी। अधिवक्ताओं को वह अपना मताहत न समझें। सिटी मजिस्ट्रेट के अदालत का बहिष्कार पूर्ववत जारी रहेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता गोकरन नाथ पाण्डेय, बिन्देश्वरी प्रसाद दूबे, माधव राज मिश्रा, जगदम्बा प्रसाद पाण्डेय, गणेश कुमार श्रीवास्तव, भगवती प्रसाद पाण्डेय, डीपी ओझा, अनिल सिंह, महाराज कुमार श्रीवास्तव, राम बुझारथ द्विवेदी, चन्द्र मणि तिवारी, जगन्नाथ प्रसाद शुक्ला, रितेश यादव, गौरी शंकर चतुर्वेदी आदि ने सभा को सम्बोधित किया। इस मौके पर कार्यकारिणी के पदाधिकारीगण संतोषी लाल तिवारी, अरविन्द कुमार पाण्डेय, सुरेन्द्र कुमार मिश्र, रमेश कुमार दूबे, अनुपम शुक्ला, राजकुमार चतुर्वेदी, गिरवर कुमार चतुर्वेदी, रामू प्रसाद, अंजनी नन्दन श्रीवास्तव, उमाकान्त श्रीवास्तव, देवराज सिंह, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, राम गोपाल पाठक, श्रीराम वर्मा, दिवाकर श्रीवास्तव, बलराम बाबू शुक्ला, मनोज कुमार पाण्डेय, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, रजनीश कुमार पाण्डेय, विनय कुमार त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
