संयुक्त बार एसोसिएशन ने कार्य वहिष्कार कर एडीएम को सौंपा ज्ञापन
ट्रांसफर होने तक उनकी अदालत का लगातार वहिष्कार करने का ऐलान
जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में छापेमारी के दौरान एक अधिवक्ता को कथित रूप से अपशब्द कहने को लेकर नगर मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी अधिवक्ताओं के निशाने पर आ गई हैं। गुरुवार को बार एसोसिएशन एवं सिविल वार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में अधिवक्ता समुदाय के प्रति प्रतिकूल टिप्पणी किए जाने को लेकर नगर मजिस्ट्रेट की निंदा की गई तथा उनके ट्रांसफर करने की मांग करते हुए न्यायालय का वहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया गया। अधिवक्ताओं ने तय किया कि उनका तबादला होने तक अदालत का लगातार वहिष्कार जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार, बार एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने वृहस्पतिवार को अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी व वीरेंद्र त्रिपाठी एवं महामंत्री मनोज कुमार सिंह व प्रदीप कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिलकर बिन्दुवार मांग पत्र दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि सम्भागीय परिवहन अधिकारी के कार्यालय परिसर पर बुधवार को की गयी छापेमारी के दौरान एक कनिष्ठ अधिवक्ता द्वारा परिचय दिए जाने के बाद भी नगर मजिस्ट्रेट ने उससे अभद्रता पूर्ण व्यवहार करते हुए आरटीओ आफिस में दुबारा दिखाई न पडने की चेतावनी भी दे डाली। आरोप है कि आक्रोश में आकर उन्होंने अधिवक्ता की वक़ालत निकाल देने की चेतावनी दी। बार एसोसिएशन सभागार में संयुक्त बार एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से उपस्थित अधिवक्ताआें ने नगर मजिस्ट्रेट श्रीमती वंदना त्रिवेदी द्वारा अधिवक्ताआें के प्रति कथित असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किये जाने की घोर निन्दा की गयी। अधिवक्ताओं ने कहा कि भविष्य में जिले के किसी भी अधिकारी द्वारा अधिवक्ताओं के प्रति अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर मजिस्ट्रेट का जिले से स्थान्तरण होने तक उनके कोर्ट का अनवरत बहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार व लूटखसोट पर तत्काल रोक लगाते हुये कार्यालय के समस्त कर्मचारियो के सम्पदा की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियां के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाई सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई। नगर मजिस्ट्रेट के टिप्पणी के विरोध में गुरुवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में उपेन्द्र मिश्र, श्रीमान सिंह, राजेन्द्र तिवारी, रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव, माधव राज मिश्र, राम कृपाल शुक्ल, कौशल किशोर पाण्डेय, सन्तोष लाल तिवारी, अरविन्द कुमार पाण्डेय, अनुपम शुक्ल, राजकुमार चतुर्वेदी, सन्तोष कुमार ओझा, रामू प्रसाद, बिन्देश्वरी दूवे, राम बुझारत द्विवेदी, अनिल सिंह, डीपी ओझा, गौरी शंकर चतुर्वेदी, महाराज कुमार श्रीवास्तव, रितेश यादव, जगन्नाथ प्रसाद शुक्ल, विनय कुमार मिश्र, चन्द्रमणि तिवारी, हरिश्चंद्र बाजपेई, सच्चिदानंद मिश्र सहित रहे। नगर मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ने अधिवक्ता समुदाय के प्रति किसी अनुचित टिप्पणी से साफ इंकार किया।
