Tuesday, February 10, 2026
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Gonda News : टीबी मरीजों को अब मिलेगा इंजेक्शन के दर्द से छुटकारा

जानकी शरण द्विवेदी

गोंडा। देश से 2025 तक क्षय रोग के पूर्ण उन्मूलन की योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक अभिनव पहल की गई है। इसके तहत क्षय रोग के सूचीबद्ध मल्टी ड्रग रजिस्टेंस (एमडीआर) मरीजों को प्रतिदिन इंजेक्शन का दर्द झेलने से निजात मिल जाएगी। ऐसे मरीजों को अब इंजेक्शन के बजाय बिडाक्यूलीन नामक दवा खिलाई जाएगी। यह जानकारी शुक्रवार को जिला चिकित्सालय के जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एके उपाध्याय ने दी।
राजकीय टीबी क्लीनिक में आज एमडीआर मरीजों को बिडाक्यूलीन दवा देने के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि अभी तक एमडीआर के मरीजों को 6 से 9 महीने तक रोजाना एक इंजेक्शन लगाया जाता था और इसके साथ 18 महीने तक दवाएं लेनी पड़ती थीं। लगातार इंजेक्शन लगने पर मरीज को उस स्थान पर काफी सूजन आ जाया करती थी। साथ ही वैज्ञानिक परीक्षणों में इसके और भी कई दुष्प्रभाव सामने आए हैं। डॉ उपाध्याय ने कहा कि इंजेक्शन के डर से कई मरीज दवा का कोर्स पूरा नहीं करते थे। ऐसे में मरीजों की बीमारी बढ़ती ही जाती थी। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों की दिक्कत भी बढ़ जाती थी। स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के घर जाकर या मोबाइल पर बात कर दवा का कोर्स बीच में छोड़ने की वजह पता लगाते थे और इलाज का कोर्स दोबारा से शुरू कराते थे। लेकिन अब इंजेक्शन न लगाए जाने से मरीजों को दर्द से राहत मिलेगी। डॉ उपाध्याय के अनुसार, एमडीआर मरीज वे होते हैं जिन पर रिफाम्पसिन समेत टीबी की कोई भी दवा बेअसर हो जाती है। अभी तक ऐसे मरीजों को दवा खाने के साथ-साथ 120 दिन तक रोजाना कैनामाइसिन इंजेक्शन भी लगवानी पड़ती थी, लेकिन अब 25 अप्रैल 2022 के बाद से मिलने वाले एमडीआर मरीजों को इंजेक्शन लगवाने की परेशानी से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल मरीजों को उपचार कराने में आसानी होगी, बल्कि विभाग को भी टीबी के सभी मरीजों का समय से समुचित इलाज करने और पूरा कोर्स कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि जिले में एमडीआर मरीजों की संख्या 125 है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, केवल ऐसे मरीजों को ही अब इंजेक्शन लगाई जाएगी, जिनका पहले से इंजेक्शन का कोर्स चल रहा है। बता दें कि पहले एमडीआर टीबी मरीजों को बिडाक्यूलिन दवा रीजनल ट्रीटमेंट सेंटर बस्ती में ही दी जाती थी। इस मौके पर जिला समन्वयक विवेक सरन, डिस्ट्रिक्ट पीएमडीटी ऐंड टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेटर अरविन्द कुमार मिश्रा, सूरज व रितेश सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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जानकी शरण द्विवेदी
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