संवाददाता
धानेपुर, गोण्डा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार व जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही भ्रष्टाचार खत्म करने में भले ही अपने तेवर में दिख रहे हों लेकिन निचले स्तर के राजस्व कर्मचारी जनता से धन उगाही के से बाज नही आ रहे हैं। इस बात की पुष्टि करता है सदर तहसील के ग्राम पंचायत पूरे सिधारी के नागरिकों का शिकायती पत्र। गांव के राजा पुरवा निवासी शकील अहमद ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र दे कर बताया है कि लेखपाल दानिश अली द्वारा आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए किस तरह धनउगाही की जा रही है। उन्होंने शिकायती पत्र में कहा है कि अपने पिताजी के नाम से आय प्रमाण पत्र बनवाया था, जिसमें लेखपाल द्वारा वार्षिक आय ज्यादा दर्शा दी गई थी। जब इस संबंध में हम लेखपाल दानिश अली से मिलकर बात किया तो उन्होंने कहा कि इससे कम वार्षिक आय बनवाने में आपको दो हजार देने पड़ेंगे। पैसे लेने के बाद भी लेखपाल द्वारा आय प्रमाण पत्र नहीं बनाया गया और जब पैसे वापस करने की बात कही गयी, तो लेखपाल ने गाली, गलौज करने के साथ धमकी तक दे डाली। उसी गांव के रहने वाले मोहम्मद बक्स ने भी उसी खेलपाल के विरुद्ध दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए कहा है कि वरासत करने के लिए लेखपाल दानिश अली ने पांच हजार वसूले थे। उसके बाद पांच सौ फिर लिए गए, लेकिन अभी तक वरासत नहीं किया गया। शकील व मोहम्मद बक्स ने उपजिलाधिकारी से शिकायती पत्र देते हुए लेखपाल के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं अभी हाल ही में लेखपाल दानिश अली का तबादला भी किया जा चुका है।
