Monday, April 6, 2026
Homeदेवीपाटन मंडलगोंडाGonda News:सखा भाव का दुर्लभ उदाहरण है कृष्ण सुदामा प्रेम-चन्द्रभूषण

Gonda News:सखा भाव का दुर्लभ उदाहरण है कृष्ण सुदामा प्रेम-चन्द्रभूषण

भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के विवाह पर निकली झांकी में महिलाओं ने किया नृत्य

जानकी शरण द्विवेदी

गोण्डा। नगर के उतरौला रोड पर स्थित सब्जी मण्डी के निकट ग्राम पंचायत लक्षमनपुर हरवंश स्थित देवी मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा यज्ञ में सप्तम दिवस की कथा में भगवान श्रीकृष्ण का सोलह हजार एक सौ आठ कन्याओं के साथ विवाह के रोचक प्रसंग सुनकर श्रद्धालु श्रोता मुग्ध हो गए। विवाह के मौके पर श्रीकृष्ण-रुक्मिणी की निकली झांकी में महिलाओं ने जमकर गीत की ताल पर नृत्य करते हुए जश्न मनाया। सुदामा की झांकी में सुदामा की दीन दशा और श्रीकृष्ण का प्रेम देखकर भक्त श्रोता भाव-विह्वल हो गए। कथा पीठाधीश्वर अयोध्या धाम के आचार्य चन्द्रभूषण शास्त्री ने सप्तम दिवस की संगीतमयी कथा का शुभारम्भ करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने द्वारिका में रहते हुए रुक्मिणी के साथ प्रेम विवाह करने के साथ समाज में प्रचलित मान्यताओं के अनुरूप आठ विवाह वैदिक रीति परम्परा के अनुसार किया। भौमासुर को युद्ध में मारकर उन्होंने उसके कारागार में कैद सोलह हजार एक सौ कुमारी कन्याओं का उद्धार किया और उनके अनुरोध पर समाज में उन्हें पूर्ण मान प्रतिष्ठा दिलाने के लिए लिए सामूहिक परिणय संस्कार किया। भगवान श्रीकृष्ण ने सोलह हजार एक सौ आठ पत्नियों के सुख शांति व सौहार्द पूर्ण दाम्पत्य जीवन व्यतीत किया।

यह भी पढ़ें : अब निराश न हों निःसंतान दम्पत्ति, खुला उच्च स्तरीय IVF सेण्टर

कथा पीठाधीश्वर श्री भूषण शास्त्री ने श्रोताओं का आह्वान किया कि सनातन धर्म में श्रीमदभागवत कथा के प्रति सर्वाधिक लोकप्रियता का मूल कारण भगवान का पावन ललित चरित्र है। भगवान श्रीकृष्ण दाम्पत्य जीवन के अनुपम आदर्श हैं। बहु पत्नियों के होते हुए भी कहीं द्वेष और कलह नहीं है। उन्होंने सुदामा चरित्र की चर्चा करते हुए कहा कि सुदामा जी विद्वान और स्वार्थ सांसारिक लोभ से विरक्त व्राह्मण हैं। उन्हें दीन हीन क्रोधी और विदूषक के रूप में चित्रित करना अनुचित व शास्त्र विरुद्ध है। भगवान श्रीकृष्ण का सुदामा के प्रति प्रेम व मैत्री भाव सखा धर्म का दुर्लभ उदाहरण है। द्वारिका में भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा के कुछ न मांगने पर भी उन्हें सब कुछ देकर अपने मित्र के स्वाभिमान की रक्षा की। कथा पीठाधीश्वर ने जोर देकर कहा कि दो व्यक्तियों में स्वार्थ रहित भाव से मैत्री भाव रखने से ही मित्रता सुदृढ़ होता है। विवाह कथा के प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण व देवी रुक्मिणी की निकाली आकर्षक मनोहर झांकी देखकर श्रोता श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। महिलाओं ने कन्या पूजन के साथ संगीत की धुन पर नृत्य व विवाह गीत प्रस्तुत किया। श्रद्धालुओं ने सुदामा की झांकी में भगवान के साथ वाल्यावस्था के संस्मरण का आनंद और सुदामा का पैर धुलकर आशीर्वाद लिया। संगीतमयी कथा में गायन-संगत कर रहे संगीतकारों ने अपने गायन व वादन से वातावरण को प्रफुल्लित कर दिया। संगीतकारों के गीत भजनों पर श्रद्धालुओं ने जन्म पर जमकर नृत्य किया। कथा में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति से भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम में उमड़े श्रद्धालुओं के प्रति कथा आयोजक प्रधान शोभावती व उनके प्रतिनिधि शोभाराम सोनकर ने आभार व्यक्त किया।

यह भी पढ़ें : बुजुर्गों की जिंदगी में उजाला ला रही ‘सवेरा योजना’

आवश्यकता है संवाददाताओं की

तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com को गोण्डा जिले के सभी विकास खण्डों व समाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों तथा देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती तथा लखनऊ मण्डलों के अन्तर्गत आने वाले जनपद मुख्यालयों पर युवा व उत्साही संवाददाताओं की आवश्यकता है। मोबाइल अथवा कम्प्यूटर पर हिन्दी टाइपिंग का ज्ञान होना आवश्यक है। इच्छुक युवक युवतियां अपना बायोडाटा निम्न पते पर भेजें : jsdwivedi68@gmail.com
जानकी शरण द्विवेदी
मोबाइल – 9452137310

कलमकारों से ..

तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे :
जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
E-Mail : jsdwivedi68@gmail.com

RELATED ARTICLES

Most Popular