संवाददाता
गोण्डा। जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने शासन के निर्देशों के क्रम में पोस्ट कोविड होने के उपरान्त किये जाने वाले व्यायामों के सम्बन्ध विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 रोग से ग्रसित होने के पश्चात व्यक्ति के स्वास्थ्य लाभ एवं पुनर्वास हेतु पोस्ट कोविड केन्द्रों में उनके जीवन स्तर को सुधारने हेतु प्रयास किया जाना आवश्यक है। कोविड से ग्रसित होने के पश्चात कमजोरी, थकान, सांस लेने में तकलीफ और दैनिक दिनचर्या के कार्य करने में परेशानी से ग्रसित रहते हैं। इससे व्यक्ति में तनाव, ऋणात्मक विचारों का प्रसार तथा मानसिक अवसाद उत्पन्न होता है, जिससे शरीर पर उसका विभिन्न तरीकों से प्रभाव पड़ता है। कोविड-19 से ग्रसित व्यक्तियों हेतु किये जाने वाली गतिविधियाँ कोविड-19 से ग्रसित होने के पश्चात शरीर की गतिविधियाँ तथा विभिन्न व्यायाम करने से जो व्यक्ति अपने घर में स्वास्थ्य लाभ कर रहे है उनको काफी लाभ होता है।
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जिलाधिकारी ने व्यायामों के बारे में बताया कि गहरी सांस लें जिससे फेफड़े ऊपर से नीचे तक हवा से भर जाये, सीधे खड़े होकर, बैठकर तथा दाये या बाएें करतट लेटकर, गहरी सांस लें. इसमें बलगम भी निकल जाता है। नियगित रूप से प्राणायाग करें। गहरी सांस लेकर तेजी से हंसें, अपनी ऑखे तथा सिर हेतु व्यायाम करें, अपने शरीर को (03 से 05 बार) व्यापक व्यायाम हेतु रेंगने और घूमने हेतु प्रयास करें, अपनी मांस पेशियों की ताकत बढ़ाने हेतु प्रयास करें। जिलाधिकारी ने क्या और कब न करें के बारे में बताते हुए कहा कि जब ज्वर हो, जब आपको आराम करते समय सांस लेने में तकलीफ, अगर आपके सीने में दर्द हो रहा है। अगर आपके पैरों में सूजन आ रही है तो व्यायाम न करें। इसी प्रकार यदि चक्कर आ रहा हो, सांस लेने में तकलीफ हो, त्वचा ठंडी व पसीने से मर जाए (ठंडा पसीना आना), पैरों में नयी सूजन आयी हो, सीने में दर्द, घबराहट हो तो व्यायाम बन्द कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्यायें उत्पन्न होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लें और तदनुसार कार्य करें। पोस्ट कोविड क्लीनिक में आने वाले व्यक्तियों में वहाँ पर नियुक्त फिजियोथेरेपिस्ट इस सम्बन्ध में सभी रोगियों को इससे सम्बन्धित जानकारी देने तथा व्यायाम भी सिखायेंगे और इन व्यक्तियों का फालोअप भी करेंगे।
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पोस्ट कोविड व्यक्तियों को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ और उपायों के बारे में बताया गया है कि बुल-बुले बनायें, एक गिलास में पानी ले और एक छोटी पाईप लें, नाक से कस के श्वांस, अब मुंह से श्वास पाइप में छोड़ते हुये गिलास के पानी में, नाक से सांस खीच कर ज्यादा से ज्यादा पानी में ज्यादा से ज्यादा बुल-बुले बनायें। नाक से सांस खीचे कसके, पाँच तक गिनती गिनते हुये सांस को अन्दर ही रोके, तक गिनती पूरी हो जाने के बाद मुंह से सांस को छोड़ दे। 10 से 15 बार पुनरावृत्ति करें। हाथों को फैलाते हुये सीने को फुलाकर नाक से सांस अन्दर खीचे, मुंह से सांस छोड़े, सीने और हाथों को पहले की तरह ही छोड़ते हुये 10 से 15 बार पुनरावृत्ति करें। श्वांस लेने के अभ्यासों के बारे में उन्होंने बताया कि आराम से सीधा बैठें, नाक से सांस खीचे कस के, मुंह से सांस छोड़े, 10 से 15 बार पुनरावर्ति करें। मुंह से सीटी की आवाज निकालत हुर्य श्वांस को छोड़े, 10 से 15 बार पुनरावर्ति करें, एक स्पाइरोमीटर लें, सांस को इस प्रकार अन्दर खीचे की स्पाइरोमीटर की तीनों गैदें ऊपर की ओर उड़ जाए। 10 से 05 सेकण्ड तक इस तरह रुकें। 05 सैकण्ड बाद सांस छोड़ दें और दोबारा से सांस अन्दर कस कर खीचें ताकि सभी गेंदे ऊपर की और उड़ जाए, नाक से कस के सांस खीचे, मुंह से हॉफने की आवाज निकाते हुये छोड़े, 10 से 15 बार पुनरावर्ति करें, एक गुब्बारा ले लें, नाक से कस के सांस खीचे, मुंह से सांस छोड़ते हुये गुब्बारे को जितना हो सके फुलायें, गुब्बारे की सब हवा निकाल दें तथा अब फिर से नाक से सांस खीचते हुये मुंह से गुब्बारें को जितना हो सके उतना फुला दें।
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