प्रथम चरण में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े 13,879 कर्मी टीकाकरण के लिए चिन्हित
सीएमओ कार्यालय के सभागार में जनपद स्तरीय प्रशिक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। खुशखबरी! जिलेवासियों का कोरोना वैक्सीन का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है। दिसंबर माह के अंत तक कोरोना वैक्सीन जिले में आ सकती है। वैक्सीन आने पर अलग-अलग चरणों में लोगों का टीकाकरण किया जायेगा, जिसका माइक्रोप्लान स्वास्थ्य महकमे द्वारा तैयार कर लिया गया है। इसके अनुसार जिला अस्पताल, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अलावा जिले के कुछ चिन्हित प्राइवेट चिकित्सालयों में टीकाकरण किया जायेगा। तैयारियों की इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में जनपद स्तरीय प्रशिक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ देवराज चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। गुरुवार को पहले दिन सीएचसी हलधरमऊ, कर्नलगंज, कटरा बाजार, बेलसर, तरबगंज, नवाबगंज, परसपुर व गोण्डा अर्बन के चिकित्सा अधीक्षक, एचईओ/बीपीएम को टीकाकरण से सम्बंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया गया।
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डॉ देवराज चौधरी ने बताया कि कोविड-19 के टीकाकरण के लिए आठ-आठ ब्लॉकों का एक-एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। इसमें प्रत्येक ब्लॉक से दो ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारी को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो प्रशिक्षण लेने के उपरांत ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होना है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान टीकाकरण करने के तरीके व डोज के साथ ही साथ सावधानियों पर भी विस्तारपूर्वक बताया जाएगा। प्रथम चरण में जिले की सभी आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी, चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, अन्य ऑफिस स्टाफ व प्राइवेट स्वास्थ्य इकाईयों के स्वास्थ्य कर्मियों समेत कुल 13,879 का टीकाकरण किया जायेगा। टीकाकरण के दूसरे चरण में नगरपालिका या नगर पंचायत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों (समस्त फ्रंट लाइन वर्कर) का टीकाकरण किया जाएगा। यदि वैक्सीन दिसंबर माह के अंत तक जिले में आ जाती है तो टीकाकरण की पहली डोज 01 जनवरी 2021 को व दूसरी डोज 29 जनवरी 2021 को दिए जाने की कार्ययोजना भी जिला प्रशासन के निर्देशन में विभाग द्वारा तैयार कर ली गयी है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि तीसरे चरण में 50 साल से अधिक उम्र के लक्षित लोगों को टीके से प्रतिरक्षित किया जायेगा। उसके बाद आमजन को टीका लगाया जायेगा।
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इस दौरान डॉ बीके सिंह, डॉ संत प्रताप, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ विनय डांगे, यूनिसेफ के डीएमसी शेषनाथ सिंह, जिला वैक्सीन स्टोर इंचार्ज पंकज तिवारी व यूएनडीपी के राजेश कुमार द्वारा प्रतिभागियों को अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान लोगों को टीकाकरण सत्र स्थल, वैक्सीन कैरियर, एईएफआई किट, टीकाकरण सत्र स्थल पर महिलाओं को प्राथमिकता व वेस्ट मैनेजमेंट सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के लिए कुल 546 राजकीय वैक्सीनेटर (सभी एएनएम) व 396 प्राइवेट वैक्सीनेटर समेत कुल 942 वैक्सीनेटर नामित किये गए हैं। प्रत्येक सत्र पर अधिकतम सौ लाभार्थियों का टीकाकरण किया जायेगा। टीकाकरण किये जाने हेतु सौ स्वास्थ्य कर्मियों की पांच-पांच सदस्यीय बीस टीमें बनायी जायेंगी, जिसमें एक वैक्सीनेटर, एक वेरीफायर, दो मोबिलाइजर व एक सुरक्षा कर्मी को शामिल किया जायेगा। सामान्य तौर पर एक स्वास्थ्यकर्मी को रोजाना 100 लोगों के टीकाकरण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशिक्षकों ने कहा कि सरकार की मंशा है कि टीकाकरण से कोई भी अछूता न रहे और कोरोना को जड़ से समाप्त किया जाए। भारत सरकार के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य व परिवार कल्याण द्वारा पहले चरण के टीकाकरण के लिए चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा पहचान पत्र के साथ सूची की प्रेषित किये जाने हेतु कहा गया था, जिस पर जिले के समस्त स्वास्थ्य कर्मियों के आंकड़े एकत्रित कर पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। इसमें निजी अस्पताल व पैरामेडिकल कालेज के स्टाफ भी शामिल हैं।
आशा और एएनएन को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण :
एसीएमओ डॉ देवराज चौधरी ने बताया कि इस अभियान में जिले में तैनात 3046 आशाओं व 546 एएनएम समेत बाल विकास विभाग में तैनात लगभग 2856 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भी सहयोग लिया जायेगा। टीकाकरण के अभियान में प्रशिक्षण प्राप्त किये स्वास्थ्यकर्मियों को ही लगाया जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दूसरे दिन 18 दिसंबर को पंडरी कृपाल, मुजेहना, इटियाथोक, रुपईडीह, काजीदेवर, मनकापुर, मसकनवा और बभनजोत के स्वास्थ्य अधिकारी को प्रशिक्षित किया जायेगा।
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