विकास सोनी
गोण्डा। बडगांव के ददुआ बाजार मकार्थी गंज में स्थित प्राचीनतम गुरुद्वारा बड़गांव साहिब में मीरी पीरी के मालिक गुरु हरगोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व मनाया गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी किशन राजपाल ने बताया कि प्रातःकाल से ही गुरुद्वारा साहिब में गुरुनानक नाम लेवा साध संगत का आना शुरू हो गया जो कि कार्यक्रम के समापन तक चलता रहा। गुरुद्वारा साहिब के ज्ञानी गोपाल सिंह, सरदार गुरदयाल सिंह भाटिया, खुशमीत कौर भाटिया ने साध संगत के साथ गुरुवाणी का गायन करके समां बांध दिया। गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सरदार राजेंद्र सिंह भाटिया ने गुरु जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु हरगोविंद सिंह महाराज ने पांचवें गुरु अपने पिताश्री गुरु अर्जन देव जी महाराज की शहादत से प्रेरणा लेते हुए स्वयं को युद्ध विद्या में निपुण कर पूरे सिख समाज को शास्त्र के साथ शस्त्र से जोड़ा। साथ ही राजनीति और धर्म को एक दूसरे का पूरक बना दिया। तत््कालिक मुगल शासक जहांगीर के मानवता के खिलाफ किये जा रहे अत्याचारों से समाज को मुक्त कराने के लिए एक विशाल सेना का गठन कर जहांगीर को चार बार युद्ध में परास्त किया। साथ ही सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त का निर्माण भी कराया। कार्यक्रम आयोजन में मुख्य रूप से सरदार ज्ञानसिंह उर्फ राजू ,प्रभशरण सिंह, श्रवण छाबड़ा, ईशूपाल भाटिया, अनमोल भाटिया अजीत बेदी, हेमा चैनानी, सौम्यता चैनानी, कशिश, प्रेमकुमार स्वर्णकार, श्रीकांत शर्मा आदि का सहयोग रहा।

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