संवाददाता
मुजेहना, गोण्डा। विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बेसहुपुर में मिलीभगत करके किये भ्रष्टाचार के खिलाफ गांव के ही देवी प्रसाद पुत्र तुला राम ने ग्राम प्रधान सुरजीत चौबे सचिव अथवा खण्ड विकास अधिकारी के विरुद्ध विगत वर्ष याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था की जाल साली करके पशु शेड निर्माण, आश्रय केंद्र निर्माण, मनरेगा के तहत तालाब खुदाई, इंटर लॉकिंग, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण सहित अन्य योजनाओ में आने वाले मद का दुरुपयोग किया गया है। शौचालय निर्माण में मृतक सरकारी कर्मचारी, प्रधान परिवार, अथवा दूसरे ग्राम सभावासियों के अपात्र परिवारों को कई बार जाति व पहचान बदल कर फर्जी ढंग से नामित करके लाभ दिया गया है तथा पशु शेड निर्माण में अपात्र व्यक्तियों को देने के साथ मानक विहीन अथवा तमाम अर्धनिर्मित पशु शेड होने अथवा कई लोगों के नाम पशु शेड अथवा शौचालय का पैसा हड़प लिए जाने की साक्ष्यों के आधार पर की गयी थी, जिस पर न्यायलय द्वारा नियत समय में सम्बंधित अधिकारियों से रिपोर्ट देने का आदेश भी दिया था। किन्तु टालमटोल कर न्यायलय के आदेश का उल्लंघन किया जाता रहा। नियत समय बीतने पर पुनः रिमाइंडर के बाद भी आख्या रिपोर्ट न दिए जाने पर न्यायलय ने सख्त रुख अपनाते हुए खण्ड विकास अधिकारी ग्राम प्रधान अथवा सेक्रेटरी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किये जाने का आदेश जारी किया है। आदेश जारी होने के बाद विभाग में हड़कम्प मच गयी है।
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