सुरक्षित है कोविड 19 का टीका, शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं : सीएमओ
टीका लगने के बाद किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई : डिप्टी सीएमओ
जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। वैश्विक महामारी कोरोना को जड़ से समाप्त करने के लिए भारत सरकार व राज्य सरकार ने पूरी तरह से कमर कस लिया है। इसके लिए देश भर में राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, ताकि कोरोना महामारी जल्द से जल्द जड़ से समाप्त हो जाय। इसी के तहत जनपद में भी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। कोरोना टीकाकरण के प्रथम दौर के तीसरे चरण में 28 जनवरी को जिले के 19 सरकारी एवं तीन निजी क्षेत्र के अस्पतालों समेत कुल 22 जगहों पर 46 सत्रों का आयोजन कर 3202 लोगों का टीकाकरण किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय सिंह गौतम व उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार ने जिला चिकित्सालय परिसर के कोविड हॉस्पिटल में कोविड-19 का टीका लगवाया और संदेश दिया कि यह टीका पूरी तरह तरह सुरक्षित और असरदार है। टीका शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं छोड़ता। कोविड-19 टीकाकरण को लेकर किसी भी फर्जी व नकली प्रमोशन या मार्केटिंग आदि देख-सुनकर गुमराह न हों। कोविड वैक्सीन सरकार द्वारा ही उपलब्ध कराया जा रहा है। खुले बाजार में यह उपलब्ध नहीं है, इसलिए अपनी बारी आने तक धैर्य से इंतजार करें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय सिंह गौतम ने टीका लगवाने के बाद लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस टीके का हम सभी को इतने दिनों से इंतजार था, वह आ गया है, तो मन में बिना किसी भय और भ्रान्ति के टीका लगवा लेना चाहिए। टीका लगने के बाद आधे घंटे तक ऑब्जर्वेशन रूम में रहे, कोई परेशानी नहीं हुई। सीएमओ ने कहा कि वह पहले की भांति चुस्त, दुरुस्त और तंदुरुस्त हैं। वहीं डिप्टी सीएमओ डॉ मनोज कुमार ने कहा कि टीका लगाने के दौरान और उसके बाद कोई परेशानी नहीं होती है। उन्होंने टीका लगाने वाली स्वास्थ्य कर्मी की काबिलियत की भी प्रशंसा की।
ऐसी स्थिति में न लें टीका :
सीएमओ ने कहा कि जिन लोगों की दवा या किसी प्रकार के खाने की ऐलर्जी है, वह यह टीका न लगवाएं। गर्भवती, धात्री या ऐसी महिलायें, जिन्हे गर्भवती होने की संभावना है, उनको भी यह टीका नहीं लगवाना है। यह टीका 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए भी नहीं है। कुछ स्थितियों में टीका 4 से 8 हफ्ते बाद लगेगा। ऐसे व्यक्ति जिनमें कोरोना के लक्षण पाए गए हैं या जो कोरोना पाज़िटिव पाए गए है, ऐसे कोविड पाज़िटिव व्यक्ति जिन्हें एंटी-सारस-कोव-2 मानोक्लोनल एंटीबॉडीजया कान्वलेसन्ट प्लाज्मा दिया गया हो या वर्तमान में अस्वस्थ व्यक्ति या अस्पताल में भर्ती व्यक्ति। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति जिनके शरीर में कभी रक्तस्राव या खून के जमने जैसे परेशानी आई है, उन्हें विशेष सावधानियों के साथ कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा।
इटियाथोक सीएससी पर लगा 163 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका

इटियाथोक से हमारे संवाददाता प्रदीप पाण्डेय के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कड़ी सुरक्षा के बीच 163 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में कल कोरोना वैक्सीन की पहली खेप आई थी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यहां 550 डोज बैक्सीन पहुंची जिसका वैक्सीनेशन 28 जनवरी को हुआ। उन्होंने कहा कि यहां एक दिन में सभी का वैक्सीनेशन सम्भव नहीं। अतः बाकी शेष बचे हुए लोगो को यह टीका 29 जनवरी को भी लगाया जावेगा। उन्होंने बताया कि समस्त आशा बहुआें, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें एवं सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को यह बैक्सीन लगाई जानी है। टीकाकरण के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल में हर तरफ पुलिस टीम तैनात रही। यहां चल रहे वैक्सीनेशन का निरीक्षण डीसीपीएम आरपी सिंह ने अधीक्षक डॉ. श्वेता त्रिपाठी के साथ किया और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। टीकाकरण कार्यो में सहयोगी टीम के रूप में डब्लूएचओ के मॉनिटर राम गोपाल पांडेय, यूनिसेफ के बीएमसी अनुराग त्रिपाठी, बीसीपीएम अमरेंद्र सिंह, आईओ नाथूराम शर्मा, बीएचडब्लू पंकज कुमार, सविता कुमारी, गुंजन सिंह, रंजना वर्मा, सारिका त्रिपाठी, अरुणा पांडेय, जावित्री शुक्ला, माया मिश्रा, संजू चौरसिया, फार्मासिस्ट एके तिवारी, कमल दुबे आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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जानकी शरण द्विवेदी
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