Tuesday, March 3, 2026
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Gonda News:पेट के बल लेटने से दूर हो सकती है ऑक्सीजन की कमी

ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर पेट के बल लेटने की जरूरत

गर्भवती माताएं, हृदय एवं स्पाइन रोगी पेट के बल सोने से करें परहेज

जानकी शरण द्विवेदी

गोण्डा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच उपचाराधीन में ऑक्सीजन की कमी की समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण कई कोरोना पॉजिटिव को अस्पताल जाने की जरूरत भी पड़ रही है, लेकिन होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज अपने सोने के पोजीशन में थोड़ा बदलाव कर ऑक्सीजन की कमी को दूर कर सकते हैं। यह कहना है डिप्टी सीएमओ व कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ मनोज कुमार का। डॉ मनोज ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने इस संबंध में पोस्टर के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी है। यदि किसी कोरोना पाजिटिव को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो एवं ऑक्सीजन लेवल 94 से घट गया हो तो ऐसे लोगों को पेट के बल सोने की सलाह दी गयी है। इसके लिए सबसे पहले वह पेट के बल लेटें। एक तकिया अपने गर्दन के नीचे रखें, एक या दो तकिया छाती के नीचे रख लें एवं दो तकिया पैर के टखने के नीचे रखें। इस तरह से 30 मिनट से दो घंटे तक सो सकते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया है कि होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों की तापमान की जाँच, ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन के स्तर की जाँच, ब्लड प्रेसर एवं शुगर की नियमित जाँच होनी चाहिए।

सोने के चार पोजीशन फायदेमंद :

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए सोने की चार पोजीशन को महत्वपूर्ण बताया है, जिसमें 30 मिनट से दो घण्टे तक पेट के बल सोने, 30 मिनट से दो घन्टे तक बाएं करवट, 30 मिनट से दो घण्टे तक दाएं करवट एवं 30 मिनट से दो घन्टे तक दोनों पैर सीधाकर पीठ को किसी जगह टिकाकर बैठने की सलाह दी गयी है। यद्यपि, मंत्रालय ने प्रत्येक पोजीशन में 30 मिनट से अधिक समय तक नहीं रहने की भी सलाह दी है। एसीएमओ डॉ एपी सिंह ने बताया कि पेट के बल लेटने में कुछ बातों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। जैसे खाने के एक घण्टे तक पेट के बल सोने से परहेज करें। पेट के बल जितना देर आसानी से सो सकतें हैं, उतना ही सोने का प्रयास करें। तकिए को इस तरह रखें, जिससे सोने में आसानी हो। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान, वेनस थ्रोम्बोसिस (नसों में खून के बहाव को लेकर कोई समस्या), गंभीर हृदय रोग में तथा स्पाइन, फीमर एवं पेल्विक फ्रैक्चर की स्थिति में पेट के बल सोने से बचें।

Gonda News:पेट के बल लेटने से दूर हो सकती है ऑक्सीजन की कमी


जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ देवराज चौधरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए सैम्पलिंग, टेस्टिंग और टीकाकरण पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। रविवार 25 अप्रैल को सुबह 10ः45 तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 330 लोग कोविड पॉजिटिव पाये गये, जिसके साथ जिले में अब तक कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 8304 हो गयी। इसमें से 6188 लोग अब तक स्वस्थ हो चुके हैं तथा 2023 मरीज सक्रिय हैं। टीकाकरण की बात करें, तो 16 जनवरी से 24 अप्रैल 2021 तक जिले में संपूर्ण टीकाकरण की संख्या 159761 पर पहुंच गयी है। इसमें 12617 हेल्थ केअर वर्कर्स को टीके की पहली डोज और 10739 को दूसरी डोज लगायी जा चुकी है। वहीं 8457 फ्रंट लाइन वर्कर्स को पहली डोज और 6520 को दूसरी डोज लगाई गई है। इसके अलावा 45 से 59 वर्ष की आयु वाले 47388 व्यक्तियों को टीके की पहली खुराक और 2888 व्यक्तियों को दूसरी खुराक दे दी गयी है। 60 साल से ऊपर के 67155 वरिष्ठ नागरिकों को टीके की पहली खुराक और 3997 को टीके की दूसरी खुराक लगाकर कोरोना के खिलाफ जारी राष्ट्रव्यापी लड़ाई में सुरक्षित कर लिया गया है।

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