Friday, April 3, 2026
Homeदेवीपाटन मंडलगोंडाGonda News:जानें, इन कठिन शर्तों के अधीन इस बार मनेगा दुर्गा पूजा...

Gonda News:जानें, इन कठिन शर्तों के अधीन इस बार मनेगा दुर्गा पूजा व दशहरा

जानकी शरण द्विवेदी

गोण्डा। आगामी 17 अक्टूबर से प्रारम्भ हो रहे शारदीय नवरात्रि में इस बार कोविड-19 के कड़़े प्रतिबंधों के बीच दुर्गा पूजा व दशहरा का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन की अनुमति के बिना किसी प्रकार का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। चौराहों, सड़क पर या सड़क के किनारे परम्परागत तरीके से रखी जाने वाली दुर्गा प्रतिमाएं इस बार नहीं रखी जा सकेंगी। किसी भी प्रकार की नई परम्परा शुरू करने तो बिल्कुल भी अनुमति नहीं है। जिला प्रशासन और केन्द्रीय दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में गुरुवार की शाम जिला पंचायत सभागार में सम्पन्न शांति समिति की बैठक में अनेक बिन्दुओं पर विचार विमर्श के उपरान्त यह निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल ने स्पष्ट कहा कि शासन के निर्देशानुसार कंटेनमेन्ट जोन में किसी भी प्रकार की प्रतिमा या पूजा पाण्डाल की स्थापना नहीं की जा सकेगी। कंटेनमेंट जोन के बाहर केवल परम्परागत स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं रखी जा सकेंगी, किन्तु वह स्थान चौराहा, सड़क या सड़क के किनारे अथवा भीड़भाड़ वाली जगह नहीं होनी चाहिए। डीएम ने कहा कि चौराहों, सडकों के किनारे व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर परम्परागत तरीके से रखी जाने वाली दुर्गा प्रतिमाओं के आयोजक वहां पर प्रतिबंध के चलते इस बार नए स्थान पर भी मूर्तियां स्थापित नहीं कर सकेंगें, क्योंकि यह कार्य नई परम्परा की श्रेणी में आएगा और शासन द्वारा किसी भी प्रकार की नई परम्परा शुरू न करने देने का सख्त निर्देश है। इस प्रकार यह स्पष्ट हो गया है कि जिला मुख्यालय समेत कस्बों में सड़कों के किनारे अथवा चौराहों के आसपास परम्परागत तरीके से रखी जाने वाली दुर्गा प्रतिमाएं इस बार स्थापित नहीं की जा सकेंगी। डीएम ने कहा कि आयोजक द्वारा निजी भूमि पर परम्परागत तरीके से स्थापित की जाने वाली दुर्गा प्रतिमा रखी जा सकेंगी किन्तु उसके लिए भी बाकायदा सम्बंधित एसडीएम अथवा नगर मजिस्ट्रेट से अनुमति लेना अनिवार्य है। किसी अन्य भी भूमि पर मूर्ति स्थापना की दशा में सम्बंधत भूस्वामी की अनुमति के साथ ही प्रशासन की अनुमति भी आवश्यक होगी। डीएम ने बताया कि किसी भी खुले स्थान पर प्रतिमा स्थापना की दशा में मैदान की कुल क्षमता का 50 फीसद अथवा अधिकतम 200 व्यक्तियों को एक साथ रुकने की अनुमति दी जाएगी। मूर्तियों की अधिकतम ऊंचाई सजावट सहित तीन फिट की होगी। केन्द्रीय दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों ने अधिकतम ऊंचाई की सीमा में थोड़ी ढ़ील दिए जाने का अनुरोध किया, जिस पर डीएम ने विचार विमर्श के उपरान्त अलग से निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। डीएम ने कहा कि कोविड नियमों का अनुपालन करने के लिए पाण्डाल में आने-जाने के रास्ते अलग-अलग बनाने होंगे। वहां पर कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करना अनिवार्य होगा। आयोजक को मौके पर थर्मल स्कैनिंग, हैण्ड वाश और सेनिटाइजर की व्यवस्था करनी होगी। पूजा स्थल पर तथा विसर्जन के दौरान डीजे पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। मूर्ति विर्सजन के लिए सिर्फ एक छोटा वाहन अनुमन्य होगा, जिस पर अधिकतम पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कोई भी नई परम्परा नहीं डाली जाएगी, किन्तु लोग अपने घरों में बिना किसी अनुमति के विधि विधान पूर्वक कलश स्थापना, पूजा-पाठ कर सकते हैं। इसके अलावा मन्दिरों में पूजा पाठ, सजावट आदि पर कोई प्रतिबन्ध नहीं रहेगा, परन्तु मन्दिरों में भी शासन द्वारा जारी कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन कराया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि आयोजक पाण्डाल में आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। 65 वर्ष से अधिक की आयु के व्यक्ति तथा 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का भीड़भाड़ में न आना श्रेयस्कर होगा। श्रद्धालुओं के मूर्तियों के स्पर्श पर रोक लगाना उचित होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल अथवा विसर्जन के दौरान अबीर-गुलाल उड़ाने तथा लगाने की अनुमति नहीं है। एसपी ने कहा कि राम लीला के दौरान मंच पर कई बार कलाकार अपनी भूमिका के निर्वहन में एक दूसरे के बिल्कुल करीब आ जाते हैं। ऐसी स्थिति कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन माना जाएगा। लंगर या सामूहिक खानपान के दौरान कोविड नियमों का पालन किया जाना आवश्यक होगा। मूर्तियों का विसर्जन जुलूस के रूप में नहीं किया जा सकेगा। एसपी ने कहा कि प्रत्येक पूजा पाण्डाल पर यथासंभव स्टेटिक तथा मोबाइल पुलिस टीम पर सुरक्षा के लिए लगाई जाएगी, किन्तु आयोजक मण्डल के लोग भी पाण्डाल की सुरक्षा के लिए अपने स्वयं सेवकों को तैनात करें। उन्होंने कहा कि देवी मंदिरों में भोर में पूजा पाठ के लिए जाने वाली महिलाओं के सुरक्षा के लिए पुरुष पुलिस कर्मियों के महिला पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। पुलिस के अधिकारी भ्रमणशील रहकर कोविड-19 प्रोटोकाल व शांति व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की इजाजत नहीं होगी तथा पुलिस प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी भी की जा रही है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी, एसडीएम सदर वीर बहादुर यादव, एसडीएम कर्नलगंज ज्ञानचन्द्र गुप्ता, एसडीएम मनकापुर हीरालाल, सीओ सदर लक्ष्मीकान्त गौतम, सीओ कर्नलगंज मुन्ना उपाध्याय, तहसीलदार तरबगंज एनएन वर्मा, केन्द्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अरुण शुक्ला, महामंत्री राकेश वर्मा उर्फ गुडडू वर्मा, न्याय सहायक सीपी मिश्रा, नगर कोतवाल आलोक राव आदि उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

Most Popular