संवाददाता
गोण्डा। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के आलोक में कोरोना के बढते संक्रमण के दृष्टिगत जनपद न्यायाधीश मयंक कुमार जैन के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि अब जेट्सी ऐप व वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से लम्बित/नवीन जमानतें, रिलीज, बयान 164 सीआरपीसी, रिमाण्ड, आवश्यक दाण्डिक प्रार्थना पत्र वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से देखे जायेगे। आवश्यक दीवानी मामले, स्थायी निषेधाज्ञा, आरोप पत्र स्वीकृति, पुलिस रिपोर्ट, कम्पलेन्ट केस की सुनवाई भौतिक रूप से की जायेगी। वर्चुवल टाइम स्लाट के आधार पर अपराह्न 11 बजे से 02 तक लम्बित/नवीन जमानतें, रिमाण्ड कार्य, आवश्यक दीवानी मामले वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से तथा आरोप पत्र स्वीकृति, पुलिस रिपोर्ट एवं पूर्वाह्न 10ः30 से अपराह्न 02ः30 तक दीवानी मामले, स्थायी निषेधाज्ञा एवं अन्य प्रार्थना पत्र की सुनवाई भौतिक रूप से की जायेगी। उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश जनपद न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
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