झिझक हुई दूर, छात्राओं ने पूछे स्वास्थ्य संबंधी सवाल
बढ़ती उम्र में बच्चे हो रहे डिप्रेशन का शिकार : डॉ अनूप कुमार तिवारी
जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। देश के महापुरुष एवं वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए बेहतर मार्गदर्शन के स्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती के शुभ अवसर पर जिले के नवाबगंज व झंझरी ब्लॉक अंतर्गत इंटर कॉलेजों में किशोर स्वास्थ्य मंच का आयोजन किया गया। इस दौरान 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों के सेहत की जांच की गयी तथा परामर्श के साथ दवा, आयरन, फोलिक एसिड गोली और किशोरियों को सैनिटरी नैपकिन का वितरण किया गया। इसके अलावा किशोर-किशोरियों के उत्साहवर्धन हेतु रंगोली एवं दौड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। नवाबगंज ब्लॉक के जेम्स हर्वी मेमोरियल इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत किशोर स्वास्थ्य मंच का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ अनूप कुमार तिवारी के द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान डॉ तिवारी के द्वारा किशोर-किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य, सही पोषण व समुचित विकास की जानकारी दी गई। किशोर-किशोरियों के हीमोग्लोबिन की जांच तथा लंबाई व वजन माप कर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर की जाँच की गयी द्य आयरन की कमी से होने वाली बीमारियां और खून की कमी की वजह बताई गई।
अर्श काउंसलर शिवम सिंह के द्वारा किशोर-किशोरियों को पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, एनीमिया के लक्षण व बचाव की जानकारी, सही खान पान और संतुलित आहार के बारे में विस्तार से चर्चा के माध्यम से जानकारी दी गई। अर्श काउंसलर ने कहा कि नियमित दिनचर्या, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम, मन में सकारात्मक विचारों के साथ-साथ अपने पास-पड़ोस में साफ़ सफाई का पूरा ध्यान देकर ही हम एक स्वस्थ समाज की नींव रख सकते हैं। इसके अलावा किशोर-किशोरियों के बीच खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं विजेता छात्र-छात्राओं को विद्यालय के प्रधानाचार्य सोलोमन किस्कू द्वारा पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान के विजेता छात्र अभिषेक मंडल, दूसरे विजेता प्रतूस मगर व तृतीय विजेता लवकुश महतो रहे। वहीं झंझरी ब्लॉक के राजकीय बालिका हाईस्कूल जमदरा में आयोजित किशोर स्वास्थ्य मंच में घरेलू हिंसा से लेकर माहवारी तक और किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक परिवर्तन संबंधी कई सवाल मंच पर बेझिझक उठे। इस दौरान शिक्षकों, चिकित्सकों एवं अर्श काउंसलर के द्वारा किशोर-किशोरियों के बीच उनके स्वास्थ्य, पोषण, रहन-सहन और बेहतर जीवन शैली से सम्बंधित समस्याओं के हल बताये गए।
इस दौरान किशोर-किशोरियों का बीएमआई जाँच, हीमोग्लोबिन की जांच, सही पोषण स्तर, उच्च रक्तचाप एवं सामान्य मानसिक तनाव परीक्षण कर दवा वितरण के साथ सही परामर्श दिए गए द्य किशोरियों को व्यतिगत स्वच्छता और माहवारी के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने संबंधी बाते बतायी गयीं द्य किशोरियों को व्यक्तिगत साफ-सफाई के लिए सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया। अर्श कॉउंसलर विवेक कुमार ने किशोर स्वास्थ्य के प्रति लोगों को प्रेरित करते हुए 10 से 19 आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों को किशोवास्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक व भावनात्मक बदलाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के छः मुख्य उद्देश्यों पोषण में सुधार, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, किशोरों में क्षति एवं लिंग आधारित हिंसा, नशावृत्ति की रोकथाम तथा गैर संचारी रोगों की रोकथाम के बारे में बताया। इस मौके पर जिला समन्वयक रंजीत सिंह ने बताया कि मंच के माध्यम से किशोर-किशोरियों को 10-19 वर्ष के बीच में होने वाली विभिन्न बदलाओं जैसे आवाज का भारीपन, चेहरे पर कील-मुहासे निकलना, अनचाहे बालों का निकलना आदि पर विस्तृत चर्चा कर महत्वपूर्ण स्वास्थ्य टिप्स दिये गये। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या के बारे में घर-परिवार में खुलकर बातचीत करनी चाहिए और समय-समय पर चिकित्सीय सलाह लेते रहना चाहिये।
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