जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्रदेश में नारी सम्मान पर बल देते हुए ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के कार्यक्रम के तहत ‘मिशन शक्ति’ का शुभारंभ कर प्रदेश की सभी महिलाओं का सम्मान बढ़ाने तथा उनको अपने अधिकारों के प्रति सजग करने का काम किया है। इस अभियान से बेटी-बेटा के बीच का भेदभाव को समाप्त करने में मदद मिलेगी। यह बात मुजेहना विकास क्षेत्र के आंगनबाड़ी केन्द्र दुल्हापुर बनकट में कार्यकत्री मीरा शुक्ला ने चिन्हित किशोरी बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए कही। श्रीमती शुक्ला ने किशोरियों को इस अवस्था से आने वाले बदलाव के प्रति पूरी तरह से जागरूक करते हुए आयरन की गोली खाने समेत हर स्तर पर जागरूक किया गया। उन्होंने महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें बेटी-बेटे में भेदभाव को समाप्त करने की जरूरत है। आज की बेटियां किसी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि घर में बेटी नहीं होगी, तो फिर बेटे कहां से आएंगे? बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं देश की आधी आबादी के रूप में बराबरी का दर्जा प्राप्त कर रही हैं। हमें अपने अंदर फैले अंधविश्वास को दूर करते हुए अपने अंदर आत्मबल जगाने करने की जरूरत है। सरकार द्वारा महिलाओं को पुरुषों के बराबर स्थान देने के लिए गांव में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से स्वावलंबी बनाने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हम सब महिलाएं जागरूक होकर सरकार की योजनाओं को जानें समझें और उसका पालन करें। इस अवसर पर काजल, नीलम, लक्ष्मी देवी, उषा देवी, सोनी यादव, अनीता समेत कई किशोरियां, गर्भवती व धात्री महिलाएं उपस्थित रहीं।
