Wednesday, April 1, 2026
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Gonda Capsule : 18 साल बाद मिली दोषी को किए की सजा

जानकी शरण द्विवेदी

गोंडा। जिले की एक अदालत ने आपसी विवाद में घातक चोट पहुंचाने के 18 वर्ष पुराने एक मामले में पांच वर्ष का कारावास तथा सात हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) बसंत कुमार शुक्ला ने बताया कि इटियाथोक थाना क्षेत्र के अन्तर्गत हर्रैया झूमन गांव में दो पक्षों में हुए विवाद में पवन कुमार नामक एक व्यक्ति को गंभीर चोटें आई थीं। प्रकरण में अवधेश तिवारी पुत्र रामफेर तिवारी के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया गया था। विवेचना के उपरान्त स्थानीय थाने की पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। सत्र परीक्षण के दौरान अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मोहम्मद नियाज अहमद अंसारी ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, उभय पक्षों के गवाहों तथा अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के उपरान्त अवधेश तिवारी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपए का अर्थदण्ड भी आरोपित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर सात माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियोजन की तरफ से पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी (फौजदारी) हर्षवर्धन पाण्डेय ने किया। मुकदमे की पैरवी में थाना इटियाथोक के पैरोकार आरक्षी शैलेन्द्र सिंह ने विशेष भूमिका अदा की।

गैंगेस्टर एक्ट में तीन अभियुक्तों को सजा

जिले की एक अदालत ने इटियाथोक पुलिस द्वारा गैंगेस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए 03 अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास व 15 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के फलस्वरूप गैंगेस्टर एक्ट के 03 अभियुक्तों राम करन उर्फ कन्ने पुत्र पंचम, फेरे पुत्र भोंदू व चम्पी पुत्र लल्लन शर्मा निवासी ग्राम गौसेंद्रपुर कोल्हुआ थाना इटियाथोक को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम/विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) ने 10-10 वर्ष के सश्रम करावास व 15-15 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है। मुकदमे की पैरवी मॉनिटरिंग सेल व थाना इटियाथोक के पैरोकार आरक्षी शैलेन्द्र सिंह ने की।

गैर इरादतन हत्या के प्रयास में पिता-पुत्र को कारावास

विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट नासिर अहमद ने मनकापुर कोतवाली क्षेत्र में गैर इरादतन हत्या के प्रयास के आरोपी अभियुक्त पिता-पुत्र को चार साल के सश्रम कारावास और नौ-नौ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मनमोहन मिश्र के अनुसार मनकापुर के गाम घुनाही निवासी गुल्ले यादव ने 15 जून 1999 को कोतवाली में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें बताया था कि विवादित भूमि में उसके गांव के मुन्नालाल नाद बना रहा था। उसके पुत्र शिवकुमार ने मना किया तो मुन्नालाल व उसके लड़के राम सजीवन ने उसे पीटा और फावड़े से सिर में मार दिया। पुलिस ने मारपीट, जान से मारने की धमकी का केस दर्ज कर विवेचना की। विवेचना में गंभीर चोटों के आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास, मारपीट, जान से मारने की धमकी का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर दोनों अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान अपराध साबित होने पर न्यायालय ने मुन्नालाल व राम सजीवन को दोष सिद्ध किया। इस मामले में निर्णय सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट नासिर अहमद ने मुन्नालाल व उसके पुत्र राम सजीवन को चार-चार साल के सश्रम कारावास और नौ-नौ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

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जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक

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