जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में करीब छह वर्ष पूर्व हुई एक हत्या के आरोपी को दोषी करार देते हुए अदालत ने उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि एक आरोपी को संदेह से परे साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त करार दिया। अर्थदंड की अदायगी न करने पर अतिरिक्त सज़ा भुगतनी होगी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनमोहन मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि मोहल्ला इमामबाड़ा थाना कोतवाली नगर जिला गोंडा निवासी मोहम्मद नजात ने थाने में दर्ज कराए रिपोर्ट में कहा था कि उसका लड़का अब्दुल्ला, बांदा जिले के चिल्लातारा थाना क्षेत्र के ग्राम गौसीपुर निवासी अब्दुल कादिर के साथ जमीन के खरीद फरोख्त का काम करता था। अब्दुल्ला से आरोपी ने आठ लाख रुपए उधार लिए थे। पैसे मांगने पर वह आनाकानी करता था। चार फरवरी 2017 को रात करीब साढ़े नौ बजे उसका लड़का अब्दुल्ला, शहर में स्थित सैयद अली की चाय की दुकान पर आया। जैसे ही स्कार्पियो से वह नीचे उतरा, वहां पहले से मौजूद अब्दुल कादिर ने तमंचे से उसे गोली मार दिया। इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मिश्रा के अनुसार, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया। पुलिस ने साक्ष्य संकलन के उपरांत अब्दुल कादिर और इमरान के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया। सत्र परीक्षण के दौरान विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) नासिर अहमद ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परिशीलन करते हुए तथा अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्कों और गवाहों को सुनकर अब्दुल कादिर को हत्या करने का दोषी करार देते हुए उम्रकैद व तिरपन हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की अदायगी न करने पर छह माह की अतिरिक्त सज़ा भुगतनी होगी। न्यायालय ने संदेह से परे साक्ष्य के अभाव में आरोपी मो. इमरान को दोषमुक्त करार दिया।
