Saturday, April 11, 2026
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Gonda : सदर तहसीलदार के विरोध में 13वें दिन भी जारी रहा आन्दोलन

जानकी शरण द्विवेदी

गोंडा। सदर तहसीलदार राजीव मोहन सक्सेना को पद से हटाए जाने की मांग पर अड़े अधिवक्ताओं का आन्दोलन मंगलवार को 13वें दिन भी जारी रहा। आज अधिवक्ता अपेक्षाकृत ज्यादा आक्रामक दिखे। भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया तथा जिलाधिकारी के कक्ष के सामने जाकर डेरा डाल दिया। वकील काफी देर तक डीएम की मौजूदगी में डटे रहे तथा माइक लगाकर अपनी बात कहते रहे। इस दौरान जिला प्रशासन की तरफ से पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। धरना समाप्त करने के बाद डीएम ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं के शिष्ट मण्डल से वार्ता किया किन्तु उसका कोई सम्मानजनक हल नहीं निकला।
बार एसोसिएशन के महामंत्री रितेश कुमार यादव ने बताया कि मंगलवार को पूरे जोश के साथ अधिवक्ताओं ने जोरदार नारों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर से लेकर सिविल न्यायालय परिसर तक प्रदर्शन किया और पूरी तरह कलम बन्द हड़ताल रखी।परिणाम स्वरूप अदालती कामकाज के साथ-साथ रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री, नोटरी, बयान हल्फी आदि सारे काम ठप रहे।अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पर जा पहुंचे, जहां वह बैठकर जन शिकायतें सुन रहे थे। वकील वहीं पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। धरने की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविचन्द्र त्रिपाठी ने किया। धरना स्थल पर सभा को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता माधवराज मिश्र, कृष्ण कुमार मिश्र, इन्द्र मणि शुक्ल, आशीष त्रिपाठी, बिन्देश्वरी दूबे, कौशल किशोर पाण्डेय, संगम लाल दूबे ने कहा कि जिला प्रशासन अधिवक्ताओं की समस्याओं व आन्दोलन को पूरी तरह अन्देखा कर रहा है। वह पुलिस का जमावड़ा दिखाकर आन्दोलन को दबाने का षडयन्त्र कर रहा है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर आन्दोलन के दौरान कोई विषम परिस्थिति उत्पन्न होती है और अधिवक्ताओं के सब्र का बांध अगर टूटता है, तो उसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

इन अधिवक्ताओं की रही विशेष उपस्थिति

प्रदर्शन व धरना में वरिष्ठतम उपाध्यक्ष सुरेन्द्र नाथ शुक्ल, गौरी शंकर चतुर्वेदी, कृष्ण मुरारी मिश्र, मनोज कुमार श्रीवास्तव, रितुराज शुक्ल, मनोज कुमार सिंह, महाराज कुमार श्रीवास्तव, अरुण कुमार शुक्ल, आलोक कुमार मिश्र, वीरेन्द्र विक्रम सिंह, नन्द गोपाल शुक्ल, राकेश कुमार शर्मा, मो. उमर, अमन द्विवेदी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह, राकेश कुमार दूबे, शैलेन्द्र मिश्र, सावन कुमार वर्मा, डा. राजेश मिश्र, विनय कुमार मिश्र, अवध किशोर पाण्डेय, आनन्द पाण्डेय, भगवती प्रसाद पाण्डेय, चन्द्रमणि तिवारी, श्रीकान्त पाण्डेय, जगन्नाथ शुक्ल, अवधेश शुक्ल, राजकुमार शुक्ल, विनोद कुमार तिवारी, हरिश्चन्द्र पाण्डेय, गगन श्रीवास्तव, हरिश्चन्द्र बाजपेयी, राजेश ओझा, रामू प्रसाद, पंकज सिंह, उमेश कुमार मिश्र, सुनील पाण्डेय, संतोषी लाल तिवारी, सुशील कुमार सिंह, प्रदीप मिश्र, अशोक तिवारी, अनिल सिंह, संतोष ओझा, अशोक दूबे, अरुण द्विवेदी, दिनेश मिश्र, संदीप पाण्डेय, रहस्य बिहारी मिश्र, अरविन्द पाण्डेय, उमाकान्त श्रीवास्तव, रमेश दूबे, दिनेश मौर्या, अजय तिवारी, अशोक सिंह, धनलाल तिवारी, महेश तिवारी, बलराम बाबू शुक्ल, राम बहाल पाण्डेय, तपसी राम सोनकर, अनिल पाण्डेय, सरल मिश्र, बैजनाथ यादव, संदीप बाजपेई, विमल मिश्र, प्रद्युम्न शुक्ल, रविन्द्र कुमार मिश्र, गगन श्रीवास्तव, पाटेश्वरी पाण्डेय, अलंकार सिंह, सच्चिदानन्द पाण्डेय आदि मौजूद रहे। बार एसोसिएशन की तरफ से आज कुछ वरिष्ठ और सक्रिय अधिवक्ताओं को निगरानी का जिम्मा भी सौंपा गया था कि वे आन्दोलन की अवधि में कचहरी में भ्रमणशील रहकर यह निगरानी करें कि कोई अधिवक्ता अपनी सीट पर बैठकर प्रस्ताव के विरुद्ध तो कार्य नहीं कर रहा है। इस वजह से आज आन्दोलन अपेक्षाकृत ज्यादा प्रभावी रहा।

डीएम के साथ वकीलों की वार्ता का नहीं निकला हल

धरना समाप्त करने के बाद जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार ने अधिवक्ताओं के एक शिष्ट मण्डल को वार्ता के लिए अपने चैम्बर में बुलवाया। मिली जानकारी के अनुसार, वार्ता के दौरान अधिवक्ता तहसीलदार को हटाने की अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि तहसीलदार को हटाए बिना हम काम नहीं नहीं लौटेंगे। प्रशासन की तरफ से कहा गया कि जिले के चार तहसीलदारों में से एक बीमार हैं। तीन काम कर रहे हैं, जिनमें से दो पहले भी यहां तैनात रह चुके हैं और वकीलों के विरोध के चलते ही यहां से हटाए गए थे। इसलिए उन्हें दुबारा यहां पर तैनात किए जाने का कोई औचित्य नहीं है। जिले में बांदा और नोएडा से दो तहसीलदारों को भेजा गया है किन्तु उनके प्रतिस्थानी अब तक वहां न पहुंचने के कारण वहां के जिला प्रशासन ने उन्हें अभी तक कार्यमुक्त नहीं किया है। बताया जाता है कि वार्ता के दौरान डीएम द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि आप व्यापक जनहित को देखते हुए आन्दोलन खत्म करके काम पर वापस लौटें। नए तहसीलदारों के आने पर इस मांग पर विचार किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार, डीएम ने मौजूदा तहसीलदार राजीव मोहन सक्सेना को भी व्यापक जनहित में काम करने तथा जन शिकायतों का नियमानुसार त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया है। बताया जाता है कि बुधवार को पूर्वान्ह 11 बजे बार एसोसिएशन सभागार में डीएम से हुई वार्ता से सदन को अवगत कराया जाएगा। तत्पश्चात सदन की सहमति से अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।

Gonda : सदर तहसीलदार के विरोध में 13वें दिन भी जारी रहा आन्दोलन
डीएम कार्यालय के समक्ष धरना देते अधिवक्ता

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जानकी शरण द्विवेदी
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