जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। अधिकतर संक्रामक बीमारियां गन्दगी व मच्छर काटने से होती हैं। इसके लिए घर व आसपास साफ़-सफाई और स्वच्छता बनाए रखें, तो डेंगू, मलेरिया, टायफाइड, टीबी व दिमागी बुखार अदि बीमारियों के प्रकोप से बच सकते हैं। यह बात गुरुवार को सीएचसी पण्डरी कृपाल के रघुनाथपुरवा में हर घर दस्तक देने के दौरान आशा संगिनी सरिता मिश्रा ने ग्रामवासियों को बतायी। संगिनी सरिता मिश्रा ने कहा कि हर साल बारिश के महीनों में संचारी रोगों का प्रकोप होता है। उससे बचाव के लिए सभी को जागरुक होने की आवश्यकता है। संचारी रोगों से बचाव के लिए दिन में फुल आस्तीन के कपड़े पहनें और अपने घरों के आसपास जलभराव न होने दें। घरों की छतों के ऊपर टूटे-फूटे बर्तन, टायर, कबाड़ा आदि चेक करते रहें कि कहीं पानी जमा न होने पाए। कूलर और फ्रिज का पानी बदलते रहें। बड़े बुजुर्गों व बच्चों को मच्छरदानी के अंदर लिटाएं और बुखार आने पर किसी झोलाछाप को न दिखाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय पर जांच कराएं और इलाज लें। हर घर दस्तक देने के बाद संगिनी सरिता मिश्रा ने रघुनाथपुरवा की महिलाओं के साथ माता बैठक का आयोजन किया। बैठक में गर्भवती को प्रसव पूर्व नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सीय परामर्श लेने की सलाह दी। सरकार द्वारा चलायी जा रही जननी सुरक्षा योजना तथा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के बारे में बताया तथा 102 एम्बुलेंस का लाभ लेने हेतु महिलाओं और उनके अभिभावकों को प्रेरित किया। आशा पुष्पा ने बताया कि जन्म के एक घंटे के अन्दर माँ का गाढ़ा पीला दूध शिशु के लिए वरदान है। इसलिए हर मां अपने बच्चों को जन्म के एक घंटे के अन्दर स्तनपान अवश्य कराएं। बैठक में महिलाओं को पहेली, कहानी व गीतों के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरुक किया। अभियान के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ एपी सिंह ने बताया कि हर घर दस्तक अभियान सात से 21 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आमजन को इस बात पर जागरुक करना है कि संक्रामक बीमारियां दूषित हवा से, दूषित पानी से, दूषित खाना खाने से तथा मच्छरों के काटने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को या पशुओं से इंसानों को हो सकती है। इसलिए साफ-सफाई का सभी लोग विशेष ध्यान रखें। बारिश में घरों के आसपास, गमलों, खाली बर्तन, टायर और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें। एक जगह पानी जमा होने पर लार्वा पनपते हैं, जिस कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और दिमागी बुखार समेत कई रोग पनपने और फैलने की आशंका होती है। डॉ एपी सिंह ने बताया कि अक्टूबर माह में जिले में डेंगू के कुल 18 केस मिले हैं, जिन्हें समय से देखभाल और उपचार उपलब्ध करवा दिया गया है। सभी अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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जानकी शरण द्विवेदी
