दुनिया के विभिन्न देशों में ग्राहकों को घर बैठे उपलब्ध कराते थे प्रतिबंधित दवाएं
जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की पुलिस ने रविवार को अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिबंधित नशीली दवाओं का कारोबार करने वाले साइबर अपराधियों के गिरोह का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने बीते तीन वर्ष में पांच करोड़ रुपए से अधिक का आनलाइन व्यापार करते हुए दो करोड़ रुपए का मुनाफा अर्जित किया है। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने आज यहां पत्रकारों को बताया कि पिछले दिनों जिला पुलिस को अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिबंधित नशीली दवाओं का कारोबार करने वाले साइबर अपराधियों के जिले में सक्रिय होने की सूचना मिली थी। इस पर कार्रवाई करते हुए रविवार को गोंडा-लखनऊ राजमार्ग पर महेन्द्रा एजेंसी के निकट एक हुण्डई वरना कार से अब्दुल हादी (30) व अब्दुल बारी (24) पुत्रगण अब्दुल मोईज निवासी खान कॉलोनी निकट जिगर इण्टर कॉलेज थाना कोतवाली नगर जनपद गोंडा तथा विशाल श्रीवास्तव (19) पुत्र ओमदेव श्रीवास्तव निवासी रिसिहा पुरवा विभूति खण्ड गोमती नगर लखनऊ को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नशीली गोलियों का जखीरा बरामद किया गया, जिसे वे बतौर सैम्पल अपने पास रखकर उनकी फोटो अपने ग्राहकों को भेजा करते थे।
स्काइप के माध्यम से दुनिया भर में बिछाया जाल
एसपी ने बताया कि गिरोह का मास्टर माइंड अब्दुल हादी बैचलर आफ फार्मासिस्ट (बी.फार्मा.) उपाधि धारक है। इसलिए उसे दवाओं के बारे में पर्याप्त जानकारी है। उसने अपने छोटे भाई अब्दुल बारी के नाम से एक कम्पनी बनाई तथा जल्दी अमीर बनने के चक्कर में वह गलत रास्ते पर चल पड़ा। उसने अमेरिका, कनाड़ा, ब्रिटेन, जापान आदि अनेक देशों में अपने एजेंट बनाए और उनके माध्यम से प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार शुरू कर दिया। एसपी के अनुसार, पूछताछ में अब्दुल हादी ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के बिक्री हेतु स्काइप ऐप पर उसने अपना एकाउण्ट बनाकर ड्रग्स बायर और पिल्स प्रोवाइडर से सम्पर्क कर यह ऑनलाइन साइबर अपराध शुरू किया था। इसके लिए प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कार्यालय बनाया था। सुरक्षा कारणों से हर चार-पांच महीने में वह कार्यालय बदल दिया करता था। पिछले करीब तीन वर्ष में ही उसने लगभग पांच करोड़ रुपये का प्रतिबंधित नशीली दवाओं की आनलाइन बिक्री करके करीब दो करोड़ रूपये का लाभ अर्जित किया।
वर्चुअल नम्बर क्रिएट कर छिपाते थे अपनी पहचान
उसने बताया कि कम्पनी से जुड़े कार्यकर्ता सेकेण्ड स्पेस, फार यू जैसे विभिन्न ऐप के माध्यम से वर्चुअल नम्बर क्रिएट कर अपने मूल पहचान को छिपाते हुए उन्हीं नम्बरों से व्हाट्सएप एकाउंट बनाकर व्हाइट पेजेज डाट काम वेबसाइट के माध्यम से विदेशी ग्राहकों से सम्पर्क करते थे। उनसे चैट करके मांग के अनुसार, उन्हीं के शहर में बनाए गए लोकल वेण्डर्स के माध्यम से सम्बंधित ग्राहक के घर पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की आपूर्ति कराते थे। डिलेवरी मैन ग्राहकों पर घर पर दवाएं उपलब्ध कराकर भुगतान प्राप्त कर लेता था। इससे उस देश के स्थानीय वेण्डर्स के बारे में भी किसी को जानकारी नहीं हो पाती थी। जबकि ग्राहक से शिपिंग चार्ज व अन्य चार्ज के नाम पर मुद्रित दर से दो से तीन गुना अधिक का भुगतान भी प्राप्त किया जाता था। स्थानीय वेंडर अपना मूल्य व कमीशन काटकर अवशेष धनराशि का आनलाइन भुगतान भारत स्थित कम्पनी के खाते में पे-पाल, मनी ग्राम, वेस्टर्न यूनियन, बिटकाइन व क्रिप्टो करेंसी आदि के माध्यम से करते थे। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान उन्होंने अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में स्थानीय वेंडर्स के माध्यम से विदेशी ग्राहक तैयार कर लिए थे, जिन्हें उनकी मांग पर नियमित रूप से प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति की जा रही थी।
सम्पर्कों को खंगालने में जुटी एजेंसियां
एसपी ने बताया कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले लोग गलत फहमी में न रहें। गिरोह के संरक्षणदाताओं तथा अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए गोंडा पुलिस के साथ ही राज्य की अन्य एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के मोबाइल फोन का आईपी एड्रेस खंगाल कर यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि ट्विटर, स्काइप, सेकेंड लाइन, वाट्सऐप आदि सोशल एकाउण्ट के माध्यम से अब तक कितने देशों और किन-किन व्यक्तियों को काल किया गया है। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करते हुए विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर गिरफ्तार अभियुक्तों को पुलिस रिमाण्ड पर लेकर भी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि अभियुक्तों के पास से प्रतिबंधित नशीली दवा अल्प्रासेफ 54 पत्ता (540 टैबलेट), एक अदद लैपटाप, चार अदद एंड्राइड मोबाइल फोन, एक अदद हार्ड डिस्क, चार अदद एटीएम कार्ड, दो अदद मेडिकल विजिटिंग कार्ड आदि बरामद कर अभियुक्तों के विरुद्ध भादवि की धारा 419,420, एनडीपीएस एक्ट की धारा 12/24 व 8/21 के तहत अभियोग दर्ज कर जेल रवाना किया।
गिरफ्तारी में इन्होंने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस गिरोह का पर्दाफाश करने में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज] क्षेत्राधिकारी नगर लक्ष्मीकांत गौतम समेत सर्विलांस व साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह मय टीम, मुख्य आरक्षी यशवंत यादव व महेंद्र यादव, आरक्षी गण अमित यादव, अमितेश कुमार, अरविंद कुमार, हरिओम, हृदय नारायण दीक्षित (सर्विलांस सेल) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह भी पढें : आज की प्रमुख खबरों पर एक नजर
आवश्यकता है संवाददाताओं की
तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com को गोंडा जिले के सभी विकास खण्डों व समाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों तथा देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती तथा लखनऊ मण्डलों के अन्तर्गत आने वाले जनपद मुख्यालयों पर युवा व उत्साही संवाददाताओं की आवश्यकता है। मोबाइल अथवा कम्प्यूटर पर हिन्दी टाइपिंग का ज्ञान होना आवश्यक है। इच्छुक युवक युवतियां अपना बायोडाटा निम्न पते पर भेजें : jsdwivedi68@gmail.com OR 9452137310 (WhatsApp)
जानकी शरण द्विवेदी
