जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। जिले की एक अदालत ने गुरुवार को करीब आठ वर्ष पूर्व एक नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने तथा उसके साथ दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 16 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। मुकदमे में सह अभियुक्त रहे मुख्य आरोपी के पिता को भी अदालत ने दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष की सजा और चार हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने आज यहां बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत सशक्त पैरवी के फलस्वरूप आज दो अभियुक्तों को सजा दिलाई गई है। उन्होंने बताया कि बीते 30 मई 2014 को रात करीब 11 बजे धानेपुर थाना क्षेत्र के नवाबजोत गांव की एक नाबालिग बालिका शौच के लिए निकली थी। फिर वह लौटकर घर नहीं आई। अगले दिन बालिका के पिता की तरफ से स्थानीय थाने पर भादवि की धारा 363 के तहत अमेरिका पुत्र तुलसीराम निवासी अमवा नउवाजोत रेतवागाड़ा थाना धानेपुर समेत उसके भाई तथा मां बाप समेत चार लोगों के विरुद्ध अभियोग दर्ज कराया गया। पुलिस ने विवेचना के उपरांत मुख्य आरोपी के भाई तथा मां का नाम विलोपित करते हुए अमेरिका तथा तुलसीराम (पुत्र_पिता) के खिलाफ भादवि की धारा 363, 366, 376 तथा 3/4 व 16/17 पाक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय पर प्रेषित किया। सत्र परीक्षण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों तथा अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं को सुनने के उपरांत अमेरिका को 20 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 16 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। अदालत ने सह अभियुक्त रहे तुलसीराम को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की सजा और चार हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया। जुर्माने की रकम अदा न करने पर तुलसीराम को चार माह की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। एसपी ने बताया कि अभियोजन पक्ष की तरफ से सशक्त पैरवी विशेष लोक अभियोजक अशोक कुमार सिंह तथा सुनील कुमार मिश्र ने की। थाना धानेपुर के पैरोकार आरक्षी रवि कुमार उपाध्याय द्वारा भी प्रकरण में निरंतर अभियोजन के साथ मिलकर सराहनीय काम किया गया।
