जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक अदालत ने शनिवार को पांच वर्ष पूर्व हुई एक हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास तथा एक-एक लाख रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अभिनव चतुर्वेदी ने आज यहां बताया कि जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के अहलाद नगर निवासी कृष्ण बहादुर ओझा पुत्र कैलाश नाथ ओझा ने 27 जून 2017 को अपने पुत्र अनिल ओझा उर्फ बड़े लाल की हत्या के आरोप में चार अभियुक्तों आनंद गिरी, चंद्र प्रकाश उर्फ काबू गिरी, गणपति गिरी उर्फ ननके तथा गोपाल गिरी उर्फ बंटी के खिलाफ अभियोग दर्ज कराया था। प्रकरण की विवेचना करते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने सभी चार अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम डॉ. दीनानाथ (तृतीय) ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए बचाव व अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों तथा अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के उपरान्त गणपति गिरी उर्फ ननके तथा गोपाल गिरी उर्फ बंटी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया तथा अभियुक्त गण चन्द्र प्रकाश उर्फ काबू गिरि व आनन्द गिरि को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास तथा एक-एक लाख रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न करने पर प्रत्येक अभियुक्त को छह-छह माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने आदेश दिया कि अधिरोपित जुर्माने की कुल धनराशि में से 50 प्रतिशत धनराशि मृतक के पिता कृष्ण बहादुर ओझा को पुत्र वियोग में हुई क्षति के प्रतिकर के रूप में अदा की जाय। एसपी आकाश तोमर ने बताया कि थाना खरगूपुर के पैरोकार राहुल यादव ने सशक्त व प्रभावी पैरवी करके दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आवश्यकता है संवाददाताओं की
तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com को गोंडा जिले के सभी विकास खण्डों व समाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों तथा देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती तथा लखनऊ मण्डलों के अन्तर्गत आने वाले जनपद मुख्यालयों पर युवा व उत्साही संवाददाताओं की आवश्यकता है। मोबाइल अथवा कम्प्यूटर पर हिन्दी टाइपिंग का ज्ञान होना आवश्यक है। इच्छुक युवक युवतियां अपना बायोडाटा निम्न पते पर भेजें : jsdwivedi68@gmail.com OR 9452137310 (WhatsApp)
जानकी शरण द्विवेदी
