Monday, March 23, 2026
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Gonda : दुनिया में अद्वितीय है भारत की संस्कृति

देश में नई चेतना पैदा करने की मोदी की कोशिशों का हो स्वागत-आरिफ मो. खान

जानकी शरण द्विवेदी

गोंडा। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा है कि भारत दुनिया की अकेली संस्कृति है जिसने मानवता का दैवीकरण किया है और दिव्यता का मानवीकरण किया है। हमें तो चींटी के अंदर भी भगवान नजर आता है। ट्रेन से दिल्ली जाने के कारण सोमवार की देर शाम कुछ समय के लिए गोंडा पहुंचे आरिफ मोहम्मद खान एक निजी शिक्षण संस्थान में पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि भारत की विशेषता एवं पहचान, ज्ञान एवं प्रज्ञा का संवर्धन है। यह काम हमारी शिक्षण संस्थाएं पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रही हैं। इसलिए मुझे जब भी अवसर मिलता है, तो मैं वहां जरूर जाता हूं।
स्वाधीनता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भ्रष्टाचारियों से समाज को नफरत किए जाने की अपील करने सम्बंधी सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हांने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में नई चेतना पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता को उसका स्वागत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनेता और जनता अलग नहीं हैं। चेतना का मतलब ही है कि जो लोग नेताओं को पैदा करते हैं, उनके अंदर भी चेतना पैदा हो। उन्होंने कहा, ‘एक सर्वमान्य सिद्धांत है। यदि किसी के ऊपर गर्द पड़ जाए, तो जरूरत पड़ने पर उसकी भी सफाई करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। हम अब एक परिपक्व लोकतंत्र में जी रहे हैं। हम कोई कॉलोनी नहीं हैं, जहां बाहर से हमारे शासक आ रहे हों और हम पर शासन कर रहे हों। राजनीति करने वालों का भारत कहीं अलग नहीं है। चेतना का मतलब ही यह है कि हर आम आदमी के अंदर भी यह चेतना पैदा हो कि हमारा नेतृत्व किस तरह का व्यक्ति करे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा अपनी पार्टी के नेताओं को कट्टर ईमानदार कहे जाने के बारे में पूछे जाने पर राज्यपाल ने कहा कि मेरी कुछ मर्यादा है। इसलिए व्यक्तिगत रूप से इस पर मैं कुछ नहीं कहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं जिस राज्य से हूं। वहां मेरा काम यह देखने का है कि राज्य का शासन कानून, संविधान और उसकी आत्मा के अनुरूप चले। मेरे ऊपर तो उसे देखने की जिम्मेदारी है। जिनके ऊपर सीधे शासन चलाने की जिम्मेदारी है, उन्हें अधिक जवाबदेह होना पड़ेगा। राज्य में यदि एक भी मासूम इंसान मारा जाता है, तो यह अपने आप में त्रासदी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मासूम वह है, जिसको कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बगैर किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाया जाय। गैर भाजपा राजनीतिक दलों द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा सीबीअीई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी संवैधानिक संस्थाओं के बेजा इस्तेमाल किए जाने सम्बंधी एक सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि बुनियादी तौर पर संविधान के रक्षा की जिम्मेदारी अंततः न्यायालय की होती है। हमारी संस्थाएं न केवल अच्छा काम कर रही हैं, बल्कि समय के साथ और मजबूत हुई हैं। मुमकिन है कि कोई एक जगह पर अपनी मर्यादा का उल्लंघन कर दे, किंतु वह अंतिम नहीं होता है। उसमें भी न्यायालय जाने का अवसर होता है। यदि किसी को कोई आपत्ति हो, तो वह न्यायालय की शरण ले सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले पांच वर्षों में काफी विकास किया है और वह लोगों को राह चलते स्वतः दृष्टिगोचर भी होता है। राज्यपाल ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अगणित ऐसे बलिदानियों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया, जिनका हम नाम तक नहीं जानते हैं, किन्तु उनकी तमन्ना थी कि आने वाली नस्लें स्वाभिमान से जियें। इसी सपने को साकार करने तथा देश के युवाओं में एक नयी चेतना पैदा करने के लिए प्रधानमंत्री ने अगले 25 साल अमृत काल घोषित किए हैं। यह अवधि युवा पीढ़ी के लिए उनके प्रति एक नई चेतना पैदा करने का काम करेगी, जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपनी कुर्बानियां दी हैं। खान ने कहा, ’कुर्बानी देते समय उन स्वतंत्रता सेनानियों ने न तो आजादी की सुबह को देखने का सोचा होगा और न ही वह आजादी की सुबह देख सकें, लेकिन उन्होंने इतनी तपस्या, इतना त्याग और कुर्बानियां सिर्फ इसलिए दीं ताकि भारत में आने वाली नस्लें स्वाभिमान के साथ सर उठा के चल सकें।’ उन्होंने कहा कि आज देश की बड़ी आवश्यकता अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शिक्षा देने और शिक्षा के लिए आधारभूत ढांचा प्रदान करने की है।

Gonda : दुनिया में अद्वितीय है भारत की संस्कृति

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जानकी शरण द्विवेदी
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