गोंडा । जिगर डे के अवसर पर बज़्मे असगर व जिगर गोंडा की ओर से एक शेअरि नशिस्त नजमी कमाल के आवास पर हुई, जिसकी अध्यक्षता आमिल गोंडवी और संचालन डॉ हमीदुल्ला ने किया। डॉ हबीबुउल्ला कॉलेनेलगंज मुख्य अतिथि तथा डॉ आफताब आलम व मुजीब सिद्दीकी विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित रहे।
प्रोग्राम मे शहर व बाहर के अनेकों शायरों ने अपना कलाम पढ़ा तथा जिगर साहब को अपनी श्रधांजलि भी अर्पित की।
जमील आज़मी _इश्क मे जान देने वालों का, नाम दुनिया ने आश्कारा किया — आमिल गोंडवी —
हमसे पूछो कि जिंदगी क्या है, हमने फ़ाकों मे भी गुजारा किया — मुजीब सिद्दीकी —
वो हैं ज़िंदा जिन्होंने हक़ के लिए, दामने ज़ीस्त पारा पारा किया — नज़ीर गोंडवी —
उसने आँखों से जो इशारा किया, दिल मेरा उसको फिर पुकारा किया — हैदर गोंडवी —
चोट खाई तो फिर याद आया खुदा, इश्क टूटा तो इस्तेखारा किया — अज़्म गोंडवी –
आपका दिल बढ़ाने की खातिर, आप जीता किये मै हारा किया — क़ासिम गोंडवी —
जिसपे पुख्ता भरोसा था मुझको, उस सहारे ने बेसहारा किया –+आतिफ गोंडवी -+
वो खुली आँख से कहाँ मुमकिन, बंद आँखों से जो नज़ारा किया – नजमी गोंडवी —
धड़कने दिल की तेज़ रहती हैं, उसने जब से मुझे इशारा किया इसके अलावा… मुजीब खोरासा, ईमान गोंडवी, अभिषेक श्रीवास्ते, सुफियाँन गोंडवी, नदीम आतिफ, सगीर सिद्दीकी आदि ने भी अपना कलाम पेश किया। प्रोग्राम मे डॉ सादिर खां, क़मर चेयरमैन, डॉ महमूद आलम, हाजी नसीम, अर्शद खां, इरफान मोइन, बाबू इसराइल, फ़ैज़ बारी, मास्टर अदील, अनवर सईद डॉ ताहिर युसुफ आदि उपस्थित थे…. अन्त मे बज़्म के सदर कमरुद्दीन ने सबका शुक्रिया अदा किया।

