Tuesday, January 13, 2026
Homeदेवीपाटन मंडलगोंडाFilaria eradication की धीमी रफ्तार, मरीजों की दर्दनाक कहानियां बनी चेतावनी

Filaria eradication की धीमी रफ्तार, मरीजों की दर्दनाक कहानियां बनी चेतावनी

लाइलाज बीमारी के बोझ तले दबे मरीज, filaria eradication अभियान को दे रहे ताकत

अतुल द्विवेदी

गोंडा। जनपद में filaria eradication अभियान इस बार नई दिशा की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। आशा कार्यकर्ताओं के साथ अब वे लोग भी जुड़ रहे हैं, जो खुद वर्षों से इस बीमारी की मार झेल रहे हैं। बेलसर, पडरी कृपाल, मसकनवा और नवाबगंज ब्लॉकों के 49 फाइलेरिया मरीज, सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे गांव-गांव जाकर अपनी पीड़ा साझा कर लोगों को समझा रहे हैं कि फाइलेरिया से बचाव का एकमात्र उपाय सामूहिक दवा सेवन ही है।

जिला संचारी रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. सी.के. वर्मा ने बताया कि गोंडा जिले में फाइलेरिया के कुल 2065 मरीज चिन्हित हैं। इनमें से चार ब्लॉकों के 49 मरीज, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षक, महिला समूह और आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित 275 से अधिक हितधारकों के साथ अभियान को मजबूत कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य उन परिवारों तक पहुंचना है, जो दवा खाने से संकोच करते हैं।

इन्हीं में से एक भमैचा गांव की 45 वर्षीय बबिता सिंह हैं। दो बच्चों की मां और डबल एमए पास बबिता लगभग 15 वर्षों से फाइलेरिया (पैर में सूजन) से जूझ रही हैं। इलाज पर लाखों रुपये खर्च करने और तमाम प्रयासों के बावजूद उनके पैरों की सूजन कभी कम नहीं हुई। अचानक आई इस बीमारी ने उनके सपनों को भी तोड़ दिया। सेना और पुलिस में भर्ती होने की चाहत उनके पैरों की सूजन ने छीन ली।

बबिता बताती हैं कि सरकारी अस्पताल से मिली एमएमडीपी किट और दवा ने कुछ राहत जरूर दी, लेकिन डॉक्टरों ने साफ कर दिया कि यह रोग लाइलाज है। बस नियमित दवा, सावधानी और सफाई से ही इसे गंभीर होने से रोका जा सकता है। हाल ही में गोंडा में आयोजित फाइलेरिया उन्मूलन मीडिया वर्कशॉप में बबिता ने जब अपनी कहानी साझा की तो अधिकारियों और पत्रकारों की आंखें नम हो गईं।

डॉ. सी.के. वर्मा ने कहा कि बबिता जैसी महिलाएं filaria eradication अभियान की असली ताकत हैं, क्योंकि वे अपने दर्द को दूसरों के लिए चेतावनी और प्रेरणा बना लेती हैं। बबिता अब अपने गांव और आसपास से इस बीमारी को मिटाने का सपना देख रही हैं। वह कहती हैं कि अगर मेरी तकलीफ से दूसरों को चेतावनी मिल जाए और वे समय पर दवा खा लें, तो यह किसी मेडल से कम नहीं है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार 28 अगस्त तक विशेष filaria eradication अभियान चला रही है। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा के अनुसार मच्छरों से फैलने वाली इस बीमारी की रोकथाम के लिए जिले के 12 ब्लॉकों में 28.81 लाख से अधिक लोगों को घर-घर जाकर दवा खिलाई जा रही है। गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमार व्यक्तियों और दो वर्ष से छोटे बच्चों को छोड़कर सभी को दवा लेना अनिवार्य है।

फाइलेरिया से पीड़ित लोगों की दर्दनाक कहानियां इस बार अभियान को नई ताकत दे रही हैं। उनका संदेश साफ है—यह रोग लाइलाज है, इसलिए बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। और बचाव तभी संभव है, जब हर कोई सामूहिक रूप से दवा का सेवन करे।

पोर्टल की सभी खबरों को पढ़ने के लिए हमारे वाट्सऐप चैनल को फालो करें : https://whatsapp.com/channel/0029Va6DQ9f9WtC8VXkoHh3h अथवा यहां क्लिक करें : www.hindustandailynews.com

कलमकारों से .. तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे : अतुल द्विवेदी सम्पादक मोबाइल 08619730058 E-Mail : hindustandailynews1@gmail.com

RELATED ARTICLES

Most Popular