अम्बुज भार्गव
बलरामपुर। रेहरा बाजार क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने, जबरन अन्य उत्पाद (जैसे जिंक ऊर्जा) की टैगिंग करने तथा किसानों को रसीद न देने जैसे गंभीर आरोपों के तहत जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है।
मामला उस समय सामने आया जब बीते शनिवार को एक किसान ने उक्त अनियमितताओं की शिकायत की। शिकायत के आधार पर कृषि अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर रेहरा बाजार के खुदरा उर्वरक विक्रेता संतराम एवं उन्हें उर्वरक आपूर्ति करने वाले थोक विक्रेता ‘हमीर बसिया एंड ब्रदर, भगवतीगंज’ के खिलाफ थाना रेहरा में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे किसानों को केवल निर्धारित दर पर ही उर्वरक बेचें, बिक्री पर रसीद अनिवार्य रूप से दें और किसी अन्य उत्पाद की अनिवार्य टैगिंग न करें। साथ ही उर्वरक की आपूर्ति किसान के आधार कार्ड, भूमि की जोत और बोई गई फसल के अनुपात में ही की जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की शिकायतें मिलने पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी और दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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