जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक उपेन्द्र कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को परिक्षेत्र के पुलिस अधीक्षकों के साथ अपराध समीक्षा सहित शासन व पुलिस मुख्यालय द्वारा नवीनतम निर्देशों पर चर्चा करते हुए उनके कार्यान्वयन के लिए निर्देशित किया। डीआइजी ने कहा कि शासन स्तर से 50 माफिया चिन्हित किये गये हैं, जिसकी साप्ताहिक प्रगति आख्या अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) को प्रेषित की जाती है। जनपद बलरामपुर से रिजवान जहीर तथा जनपद बहराइच से देवेन्द्र सिंह उर्फ गब्बर माफिया चिन्हित किये गये हैं। गिरोहबन्द अधिनियम के अन्तर्गत उनकी सम्पत्तियों का जब्तीकरण व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही स्थानीय प्रशासन से मिलकर प्राथमिकता के आधार पर कराना सुनिश्चित करें। साथ ही इनके गैंग के अन्य सदस्यों की भी पहचान कर उनके आय के अवैध स्रोतों को ज्ञात कर उनके विरुद्ध भी कार्यवाही करें। जिलों में टॉप टेन अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि गैंगेस्टर अधिनियम के अन्तर्गत धारा 14 (1) में सम्पत्ति जब्तीकरण के अन्तर्गत कार्यवाही उत्तर प्रदेश शासन के 100 दिवस के लक्ष्य के अन्तर्गत कराकर रिपोर्ट जानी है। इसको सुनिश्चित कराया जाये तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सम्पूर्ण कार्यवाही सम्पादित हो। धारा 14(1) की समीक्षा में पाया गया कि बलरामपुर में अच्छी कार्यवाही हुई है। परिक्षेत्र के अन्य जनपदों में अपेक्षानुसार कम हुई है, किन्तु श्रावस्ती में शून्य है। निर्देशित किया गया कि वहां भी ऐसे मामलों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
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पैसा लेकर तस्करी कराना बंद करे पुलिस
डीआइजी ने कहा कि अवैध खनन एवं कटान की शिकायतें निरन्तर प्राप्त हो रही हैं। सभी जनपदों में इस पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराया जाय। इसके बाद भी शिकायत प्राप्त हुई तो परिक्षेत्रीय कार्यालय से टीम गठित कर जांच करवायी जायेगी। आरोप प्रमाणित होने पर सम्बन्धित के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित कराई जाएगी। सीमावर्ती थानों पर पुलिस कर्मियों द्वारा पैसे लेकर तस्करी कराये जाने की शिकायत मिल रही है। इसमें सुधार कराया जाए। यदि परिक्षेत्रीय कार्यालय से जांच करवाये जाने पर आरोप प्रमाणित होना पाया जाएगा तो सम्बन्धित के विरुद्ध अनिवार्य रूप से कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि पाक्सो अधिनियम के अन्तर्गत मेरे स्तर से 10 मुकदमों की पैरवी की जा रही है। इसके अन्तर्गत गवाह की उपस्थिति सुनिश्चित कराये जाने हेतु मेरे स्तर से पत्र प्रेषित किया जा रहा है। सम्बंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि गवाहों की समय से उपस्थिति हो। जनपद में मानीटरिंग सेल की बैठक करके इस एक्ट के अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा दिलवाने की कोशिश करें। महिला सम्बन्धी अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर विशेष ध्यान देकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाय।
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पैसे के बल पर नहीं चलने चाहिए प्राइवेट वाहन
डीआइजी ने कहा कि जिलों में अवैध वसूली करके प्राइवेट बस अड्डे संचालित किए जा रहे हैं। ऐसी अवैध वसूली को शत-प्रतिशत बन्द कराया जाय। किसी भी जनपद में कोई भी अवैध बस अड्डा न चलने पाए। आगे से ऐसे तथ्य मेरे संज्ञान में आने पर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त किया कि थानों में अवैध वसूली की नीयत से लोगों को अवैध हिरासत में रखा जाता है। एक प्रकरण में मेरे द्वारा दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ अभियोग भी पंजीकृत कराया गया है। कई अन्य प्रकरणों में भी विभागीय कार्यवाही की जा रही है। आगे से थानों पर किसी भी व्यक्ति को अवैध हिरासत में रखे जाने की शिकायत मिली तो जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्यवाही की जायेगी तथा संबंधित के विरुद्ध उसी थाने में अभियोग भी पंजीकृत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के बाद शासन के निर्देशानुसार तहसील व थाना दिवस का आयोजन आरम्भ हो गया है। इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कराया जाए तथा प्राप्त शिकायतों की राजस्व विभाग से समन्वय स्थापित कर शीघ्रता से निस्तारण कराया जाय। धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के सम्बन्ध में कार्यवाही करते हुए थानों के अभिलेखों में उसकी अंकना अवश्य करायी जाय। सभी एसपी अपने-अपने जिलों में प्रतिमाह व्यापारियों की गोष्ठी आयोजित कराकर व्यापारियों की समस्याओं का शीघ्रता से निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। बैंकों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से मिलकर शत-प्रतिशत सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाय। समस्त थाना प्रभारी व क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में ही रात्रि निवास करना सुनिश्चित करें। बिना पुलिस अधीक्षक की अनुमति से वह अपना क्षेत्र नहीं छोड़गें।
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एसपी से चौकी इंचार्ज तक रोज करें फूट पेट्रोलिंग
उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस अधीक्षक से लेकर थाना प्रभारी के स्तर पर प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र में फूट-पेट्रोलिंग करना सुनिश्चित करें। इस दौरान जन सामान्य से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का निराकरण करना सुनिश्चित करें। साथ ही अस्थायी अतिक्रमण भी हटवाएं। समस्त पुलिस अधीक्षक, जनपद न्यायाधीश से सम्पर्क स्थापित कर मानीटरिंग सेल की गोष्ठी का प्रतिमाह का आयोजन कराकर न्यायालय से सम्बन्धित समस्याओं का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनपदों में शव बरामद होने पर पोस्टमार्टम करवाये जाने के उपरान्त पोस्टमार्टम में गला घोंटना अथवा हत्या के अन्य प्रमाण पाये जाने के बाद भी पोस्टमार्टम की मूल रिपोर्ट प्राप्त न होने का बहाना बनाकर थाना प्रभारियों द्वारा प्रकरण में हत्या की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत करने में विलम्ब किया जाता है। इससे साक्ष्य नष्ट हो जाता है। तत्क्रम में समस्त पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जनपद के थाना प्रभारियों को निर्देशित करें कि जैसे ही पोस्टमार्टम (मूल अथवा प्रतिलिपि) रिपोर्ट प्राप्त होती है तथा हत्या की बात प्रमाणित हो, तो बिना किसी बिलम्ब के 24 घंटे में वादी से तहरीर लेकर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया जाए। उन्होंने जनपदों में धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादिव की विवेचनाएं अत्यंत धीमी गति से होने पर नाराजगी व्यक्त किया। डीआइजी ने कहा कि क्षेत्राधिकारी स्वयं इन धाराओं की विवेचनाओं को अपने स्वयं के निकट पर्यवेक्षण कराते हुए संबंधित अपराधियों के विरुद्ध गिरोहबन्द अधिनियम आदि की कार्यवाही कराकर इन महत्वपूर्ण विवेचनाओं का शीघ्रता से निस्तारण करना सुनिश्चित करें। समीक्षा बैठक में एसपी गोंडा संतोष कुमार मिश्र, बहराइच केशव कुमार चौधरी, बलरामपुर राजेश कुमार सक्सेना और श्रावस्ती अरविंद कुमार मौर्य शामिल रहे।
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