अनदेखे लक्षण बन सकते हैं जानलेवा खतरा, 31 साल में हुआ कैंसर
Cancer Risk: आंतों में बढ़ते कैंसर के मामलों से दहशत, बढ़ती मौतों से चिंता
Cancer Risk आज एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चिंता का विषय बन चुका है। यह मानना गलत होगा कि कैंसर केवल बुजुर्गों की बीमारी है। हाल के वर्षों में 30 वर्ष से कम आयु के युवाओं में भी कैंसर के मामले तेजी से बढ़ते देखे गए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि कैंसर का समय पर पता लगना और प्रारंभिक इलाज इसकी गंभीरता को कम कर सकता है, लेकिन समस्या यह है कि लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं।
एक हालिया उदाहरण के रूप में 31 वर्षीय क्रिस किर्ट का मामला सामने आया है, जो तीन बच्चों के पिता हैं। उन्हें 31 वर्ष की उम्र में आंतों का कैंसर (Bowel Cancer) होने का पता चला। डॉक्टरों की जांच में पाया गया कि उनकी आंत में बड़ा कैंसर ट्यूमर विकसित हो चुका है। वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है। क्रिस कहते हैं कि अगर उन्होंने शुरुआती संकेतों को गंभीरता से लिया होता, तो संभव है कि कैंसर इतना नहीं बढ़ता।
क्रिस ने साझा किए शुरूआती लक्षण
क्रिस ने Cancer Risk को लक्षणों को साझा करते हुए बताया कि अगस्त 2024 में उन्हें मल त्याग में अनियमितता और पेट में लगातार ऐंठन की समस्या होने लगी। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया। दर्द को कम करने के लिए वे दवाओं का सहारा लेते रहे, लेकिन असली कारण जानने की कोशिश नहीं की।
उन्होंने बताया कि मल त्याग के दौरान उन्हें दर्द नहीं होता था, हालांकि कई बार मल के साथ खून आता था। चूंकि दर्द नहीं था, इसलिए उन्होंने इस संकेत को महत्व नहीं दिया। क्रिस का कहना है कि यही गलती उनके लिए सबसे बड़ी चेतावनी साबित हुई। उन्होंने कहा कि समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि कुछ गड़बड़ है और यह कैंसर भी हो सकता है।

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Cancer Risk: आंतों में बढ़ते कैंसर मामलों से दहशत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आंतों में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेषकर बाउल कैंसर या कोलोरेक्टल कैंसर अब युवा वर्ग को भी अपनी चपेट में ले रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, कोलोरेक्टल कैंसर दुनियाभर में तीसरा सबसे आम कैंसर है और कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। वर्ष 2022 में ही इस बीमारी के 1.9 मिलियन (19 लाख) से अधिक नए मामले सामने आए, जबकि 9 लाख से ज्यादा लोगों की इससे मौत हो गई।
अमेरिकी चिकित्सकों का कहना है कि मोटापा के कारण Cancer Risk बढ़ रहा है। द लैंसेट ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, 25-29 वर्ष की आयु के लोगों में इस कैंसर के मामलों में हर साल उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। आइसलैंड, न्यूजीलैंड और चिली में इस कैंसर की वार्षिक वृद्धि दर क्रमश: 7.33, 3.97 और 3.96 प्रतिशत दर्ज की गई है। भारत में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां युवाओं में बाउल कैंसर के मामलों में सालाना 1.26% की वृद्धि देखी जा रही है।

Cancer Risk: लक्षणों की अनदेखी से बढ़ती मौतों की चिंता
चिकित्सकों के अनुसार, मल में खून आना, मल त्याग की आदतों में बदलाव (जैसे बार-बार दस्त या कब्ज), पेट दर्द, असामान्य थकान और अचानक वजन घटना आंतों के कैंसर के संकेत हो सकते हैं। समस्या यह है कि यह बीमारी शुरुआती चरणों में दर्द रहित होती है, जिसके कारण लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
शोध बताते हैं कि मोटापा या अधिक वजन इस कैंसर के 11 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है। विशेषकर पुरुषों में Cancer Risk अधिक होता है। अध्ययन के अनुसार, वयस्कता में प्रत्येक 5 किलोग्राम वजन बढ़ने पर पुरुषों में आंतों के कैंसर का जोखिम 10 प्रतिशत बढ़ जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि उपरोक्त लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। समय पर निदान और स्वस्थ जीवनशैली से इस घातक बीमारी से बचाव संभव है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और धूम्रपान से परहेज से कैंसर का खतरा कम हो सकता है।

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