भाकपा माले और इंसाफ मंच 30 जून को विरोध प्रदर्शन की तैयारी में!
बुलडोजर अभियान से मची हलचल, 500 मदरसे बंद और 60 धार्मिक स्थल जमींदोज
प्रादेशिक डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के तराई अंचल में अवैध मदरसों के खिलाफ शुरू किए गए बुलडोजर अभियान का विरोध शुरू हो गया है। भाकपा माले और इंसाफ मंच की संयुक्त जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक, बहराइच, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर जिलों में 500 से अधिक मदरसों को बंद कर दिया गया है और लगभग 60 धार्मिक स्थलों को ध्वस्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई में कानून का खुला उल्लंघन हुआ है। जांच टीम का कहना है कि यह कार्रवाई उपासना स्थल अधिनियम 1991 के खिलाफ है, जो धार्मिक स्थलों की स्थिति को यथावत बनाए रखने की बात करता है।
हजरतगंज स्थित कॉफी हाउस में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में भाकपा माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव और इंसाफ मंच के प्रदेश संयोजक अफरोज आलम ने इस रिपोर्ट को साझा किया और इसे मुस्लिम धार्मिक स्थलों के खिलाफ संगठित हमला करार दिया।
तराई अंचल बना बुलडोजर अभियान का केंद्र
बुलडोजर अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जांच टीम ने दावा किया है कि बहराइच में 500 साल पुरानी सैयद हाशिम अली शाह उर्फ लक्कड़ शाह की दरगाह समेत दर्जनों दरगाहों को एक ही दिन में नोटिस और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ गिरा दिया गया।
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अल्पसंख्यक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बहराइच के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा खुद मदरसों का दौरा कर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट के जरिए माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार उनका यह व्यवहार प्रशासनिक मर्यादा और नैतिकता दोनों के खिलाफ है। बुलडोजर अभियान को योजनाबद्ध बताते हुए नेताओं ने कहा कि यह कार्रवाई किसी एक संस्थान या भवन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सामुदायिक पहचान पर चोट है।
शांति के प्रतीक स्थानों को बनाया जा रहा टकराव का केंद्र
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि महात्मा बुद्ध के शांति और अहिंसा के संदेश से जुड़े इलाकों को अब गाजी बनाम सुहलदेव के बहाने नफरत की राजनीति का केंद्र बनाया जा रहा है। भाकपा माले ने इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण की साजिश करार दिया और चेतावनी दी कि जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
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30 जून को होगा बुलडोजर अभियान के खिलाफ विशाल प्रदर्शन
सुधाकर यादव ने प्रेस को बताया कि इस बुलडोजर अभियान के खिलाफ 30 जून को लखनऊ में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस अभियान को तत्काल रोका जाए, बहराइच के अल्पसंख्यक अधिकारी को पद से हटाया जाए और धार्मिक स्थलों को बचाया जाए। टीम में राज्य स्थायी समिति सदस्य राजेश साहनी, राज्य कमेटी सदस्य राम लौट, तथा गोंडा जिला प्रभारी जमाल खान भी शामिल थे।
संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप
बुलडोजर अभियान के खिलाफ मुस्लिम संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने भी रोष जताया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई न केवल धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के उल्लंघन के समान है, जो नागरिकों को धार्मिक आस्था और संस्थाओं को चलाने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।
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