Tuesday, January 13, 2026
Homeदेवीपाटन मंडलगोंडायोगी-बृजभूषण मुलाकात पर अटकलों को विराम, नेता जी ने बताई अंदर की...

योगी-बृजभूषण मुलाकात पर अटकलों को विराम, नेता जी ने बताई अंदर की बात!

सीएम के आमंत्रण पर मिलने गया, खुद पहल नहीं की-बृजभूषण

योगी-बृजभूषण मुलाकात: सियासी दूरी खत्म, 2027 की रणनीति तैयार?

जानकी शरण द्विवेदी

गोंडा: योगी-बृजभूषण मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। कैसरगंज से पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 31 महीने बाद सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। यह मुलाकात मुख्यमंत्री के सरकारी आवास, 5 कालीदास मार्ग, पर करीब एक घंटे तक चली। बृजभूषण सिंह ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया, लेकिन सियासी गलियारों में योगी-बृजभूषण मुलाकात को 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बृजभूषण सिंह ने कहा कि यह मुलाकात मुख्यमंत्री के बुलावे पर हुई! इसके लिए मैंने कोई पहल नहीं की! इसमें कोई राजनीतिक चर्चा भी नहीं हुई, हालाँकि पारिवारिक गिले-शिकवे साझा किए गए।

सियासी तल्खी का अंत: योगी-बृजभूषण मुलाकात के मायने
योगी-बृजभूषण मुलाकात को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय से योगी आदित्यनाथ के विरोधी खेमे में माने जाते रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर सरकार की नीतियों, खासकर बुलडोजर नीति और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की तारीफ कर उन्होंने सियासी हलचल पैदा की थी। बृजभूषण सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा था, न तो मुझे मुख्यमंत्री से कोई काम पड़ता है, न ही उन्हें मुझसे। लेकिन इस मुलाकात ने इन सभी अटकलों को नया मोड़ दे दिया है।

केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर हुई हो सकती है मुलाकात
सूत्रों के अनुसार, योगी-बृजभूषण मुलाकात बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर हुई हो सकती है। 2027 के विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल की भूमिका अहम होगी और बृजभूषण सिंह का देवीपाटन, बस्ती और अयोध्या समेत पूर्वांचल के कई मंडलों में मजबूत जनाधार है, जो पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच संवाद की बहाली का संकेत देती है, जो बीजेपी की एकजुटता को मजबूत कर सकती है। बृजभूषण सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 2023 में अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद योगी से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन मुख्यमंत्री के बुलावे पर वे मिलने गए।

यह भी पढें: Scholarship Rules में बदलाव, बिना E-KYC नहीं मिलेगा वजीफा

व्यक्तिगत गम-शिकवों से सियासी रणनीति तक
बृजभूषण सिंह ने मंगलवार को गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में एक प्रतिभा सम्मान समारोह में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, मेरे और योगी जी के बीच दशको पुराना रिश्ता है। यह मुलाकात पारिवारिक थी, जिसमें हमने अपने गिले-शिकवे साझा किए। उन्होंने 2023 में अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को एक टर्निंग पॉइंट बताया, जिसके बाद उन्होंने तय किया था कि जब तक योगी बुलाएंगे नहीं, वे उनसे नहीं मिलेंगे। बृजभूषण सिंह ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उस विपत्ति का डटकर सामना किया।

योगी-बृजभूषण मुलाकात पर अटकलों को विराम, नेता जी ने बताई अंदर की बात!
योगी-बृजभूषण मुलाकात लखनऊ में, सियासी चर्चा तेज

राहुल अयोध्या आ जायं, उन्हें सनातनी बनाकर भेजेंगे
उन्होंने यह भी बताया कि उनके बच्चों और अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री का संदेश मिला, जिसके बाद यह मुलाकात हुई। बृजभूषण सिंह ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उन्हें सनातन धर्म पर बहस के लिए नंदिनी नगर आने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ‘हमारे नंदिनी नगर (अयोध्या) में आइए, एक हफ्ते रहिए। मेरा दावा है कि यहां से हम उनको सनातनी बनाकर ही भेजेंगे।’ बृजभूषण सिंह ने कहा कि 2 से 7 जनवरी 2026 तक यहाँ सनातन और ज्ञान की धारा बहेगी। कथा में प्रतिदिन एक लाख लोग आएंगे।

बृजभूषण सिंह को संगठन में मिल सकता है बड़ा दायित्व
सियासी विश्लेषक इसे आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों की रणनीति से जोड़ रहे हैं। बीजेपी 2022 के विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल में कमजोर प्रदर्शन से सबक ले चुकी है। ऐसे में बृजभूषण सिंह जैसे प्रभावशाली नेता की नाराजगी पार्टी को भारी पड़ सकती थी। सूत्रों का कहना है कि योगी-बृजभूषण मुलाकात के बाद बृजभूषण सिंह को संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

यह भी पढें: QR Code विवाद में Supreme Court का बड़ा फैसला

2019 में आखिरी बार दोनों नेता गोंडा में एक चुनावी सभा में एक मंच पर दिखे थे। इसके बाद दोनों के बीच दूरी साफ नजर आई। 2022 में बृजभूषण सिंह ने अपने जन्मदिन पर योगी को आमंत्रित किया था, लेकिन योगी के शामिल न होने से उनके संबंधों में ठंडापन आ गया था। इस मुलाकात ने उस ठंडेपन को पिघलाने का काम किया है।

योगी-बृजभूषण मुलाकात से समाजवादी पार्टी सतर्क
योगी-बृजभूषण मुलाकात ने न केवल बीजेपी के अंदर एकजुटता का संदेश दिया है, बल्कि विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी को भी सतर्क कर दिया है। अखिलेश यादव ने हाल ही में आजमगढ़ में पीडीए भवन बनवाकर पूर्वांचल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। ऐसे में बीजेपी इस मुलाकात के जरिए पूर्वांचल के राजपूत और ओबीसी मतदाताओं को एकजुट करने का संदेश देना चाहती है।

UP की सियासत में खुले नए संभावनाओं के द्वार
योगी-बृजभूषण मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। यह मुलाकात न केवल व्यक्तिगत संबंधों को सुधारने की दिशा में एक कदम है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की रणनीति का हिस्सा भी हो सकती है। बृजभूषण का प्रभाव और योगी की रणनीति मिलकर पूर्वांचल में बीजेपी को नई ताकत दे सकती है।

योगी-बृजभूषण मुलाकात पर अटकलों को विराम, नेता जी ने बताई अंदर की बात!
31 महीने बाद सीएम योगी से मुलाकात के बाद बयान देते बृजभूषण

यह भी पढें: बहुपति प्रथा: दो भाइयों ने एक ही युवती से रचाई शादी

पोर्टल की सभी खबरों को पढ़ने के लिए हमारे वाट्सऐप चैनल को फालो करें : https://whatsapp.com/channel/0029Va6DQ9f9WtC8VXkoHh3h अथवा यहां क्लिक करें : www.hindustandailynews.com

नम्र निवेदन: सुधी पाठकों, आपको अवगत कराना है कि आपके द्वारा प्रेषित अनेक खबरें ‘हिंदुस्तान डेली न्यूज’ पोर्टल पर प्रकाशित की जाती हैं; किंतु सभी खबरों का लिंक ग्रुप पर वायरल न हो पाने के कारण आप कई बार अपनी तथा अन्य महत्वपूर्ण खबरों से वंचित रह जाते हैं। अतः आपसे अनुरोध है कि आप सीधे www.hindustandailynews.com पर जाकर अपनी खबरों के साथ-साथ पोर्टल पर प्रकाशित अन्य खबरें भी पढ़ सकते हैं। पोर्टल को और अधिक सूचनाप्रद तथा उपयोगी बनाने के लिए आपके सुझावों का स्वागत है। जानकी शरण द्विवेदी, संपादक-हिंदुस्तान डेली न्यूज, मो. 9452137310

RELATED ARTICLES

Most Popular