अंबुज भार्गव
बलरामपुर। जिले भर के फुटकर उर्वरक विक्रेताओं और एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। विक्रेताओं ने विकास भवन के पास एकत्रित होकर प्रदर्शन किया और बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा।
एसोसिएशन के बलरामपुर जिला अध्यक्ष महेश मिश्रा ने बताया कि थोक व्यापारियों द्वारा यूरिया और डीएपी उर्वरक की कीमतें बढ़ा दी गई हैं, जबकि जिंक, नैनो यूरिया और फास्फोरस जैसे सहायक उत्पाद भी टैग करके महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं। इससे किसान सहायक उत्पाद खरीदने से कतरा रहे हैं, और बढ़ी कीमतों के कारण यूरिया खरीदने को भी तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने निर्धारित मूल्य पर उर्वरक बिक्री करने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन बढ़े दामों पर खरीदे गए उर्वरक को निर्धारित कीमत पर बेचना संभव नहीं हो पा रहा है।
महेश मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर उचित विचार नहीं किया गया तो प्रदेश भर के उर्वरक व्यापारी दुकानों को बंद करके हड़ताल पर चले जाएंगे। उनकी प्रमुख मांगों में भारत सरकार के नियमों के अनुसार सभी खाद रिटेलरों के गोदाम तक एफओआर सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है, जो फिलहाल किसी कंपनी द्वारा नहीं दी जा रही है। इसके कारण व्यापारियों को अतिरिक्त भाड़ा वहन करना पड़ रहा है।
उन्होंने विभाग की ओर से कीटनाशकों की गुणवत्ता को लेकर उठाए जा रहे सवालों और व्यापारियों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन एवं मुकदमेबाजी पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि कीटनाशक अधिनियम की धारा 30(3) के तहत यदि कोई उत्पाद अमानक पाया जाता है तो पूरी जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए न कि विक्रेता की क्योंकि विक्रेता केवल निर्माताओं के मूल पैकिंग वाले उत्पाद ही बेचते हैं।
एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया है कि वे निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराएं और सभी प्रकार की टैगिंग बंद करें। साथ ही, उत्पादकों पर ही कार्रवाई हो, न कि विक्रेताओं पर। उन्होंने उन व्यापारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को निरस्त करने की भी मांग की है।
महेश मिश्रा ने कहा कि बलरामपुर संगठन इकाई ने एक दिन की सांकेतिक प्रादेशिक बंदी का आवाहन किया है। यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा, जिससे आगामी खरीफ सीजन में किसानों को खाद, बीज एवं कीटनाशक प्राप्त करने में भारी कठिनाई होगी। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि उनकी मांगों का उचित समाधान निकाला जाए, अन्यथा व्यापारी सभी लाइसेंस वापस कर देंगे।
