जिम्मेदार बने उदासीन, जाम के कारण लोगों की बढ़ रही समस्याएं
रोहित कुमार गुप्ता
उतरौला बलरामपुर। अतिक्रमण की समस्या दिन पर दिन विकराल होती जा रही है। नगर पालिका के बार-बार अतिक्रमण हटाने के फरमान ध्वनि विस्तारक यंत्र तक ही सीमित रह गए हैं। सड़क की दोनों तरफ की इंटरलॉकिंग पटरियों पर अवैध कब्जे के कारण पदयात्रियों, दो पहिया, चार पहिया वाहन, साइकिल, रिक्शा ठेले, इक्का और तांगा सब मुख्य सड़क पर ही चलते हैं।
भारी वाहनों के दबाव के कारण पूरे बाजार ही नहीं बल्कि बस्ती, फैजाबाद, गोंडा राजमार्ग की सड़कों पर दिन भर में कई बार जाम की स्थिति पैदा होती रहती है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे से बस स्टैंड तक की दोनों तरफ की पटरियों पर बक्से की दूकानें, सब्जी आदि की दुकानें लगी रहती हैं। बस स्टैंड से राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, पचपेड़वा तिराहा,कस्बा चौकी,स्टेट बैंक मोड़,जामा मस्जिद, गोंडा मोड़ से जिलेदारी तक की पटरियों पर अवैध कब्जा है। सड़क पर वाहनों के खड़े होने के कारण न केवल लगातार जाम की स्थिति पैदा होती है, बल्कि पैदल चलने वालों को भी दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ता है। स्कूलों में छुट्टी होने के बाद जाम के चलते छात्र-छात्राओं को बेबसी में चिलचिलाती धूप में जाम हटने की प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
अधिवक्ता सुशील कुमार, राकेश कुमार, अली असगर, वीरेंद्र सिन्हा का कहना है अतिक्रमण हटाने के नाम पर कागजी खानापूर्ति की जाती है, जिससे यह बीमारी लाइलाज बनती जा रही है।
एसडीएम संतोष ओझा का कहना है कि पटरियों से अतिक्रमण हटाने के लिए डीएम ने अभियान चलाए जाने का निर्देश दिया है। पूरे क्षेत्र के लोगों को इंटरलाकिंग पटरियों और नालियों से अवैध कब्जा खाली करने की नोटिस पुलिस ने दे दी है। शीघ्र ही अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा।
