रोहित गुप्ता
बलरामपुर। “जब मैं घर आया तो सभी सामान्य थे। बच्चों ने रोज की तरह अंगीठी जलाई और हम सबने रात का खाना साथ खाया। इसके बाद अचानक बीवी और बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। देखते ही देखते सब बेसुध हो गए। हम भी बेहोश हो गए।” मंगलवार रात को अपनी बीवी और दो बच्चों को खोने वाले मंटोले ने होश आने पर अपना दर्द बयान किया। होश आने पर वह सीधे पोस्ट मॉर्टम हाउस पहुंचा, जहां उसके परिवार के सदस्यों की डेड बॉडी रखी हुई थी। यहां पर उसने परिवार की मौत का जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि मेरा नाम मंटोले है। मैं मध्य प्रदेश के भिंड का रहने वाला हूं। उतरौला में पानी पूरी का ठेला लगाकर परिवार का खर्च चलाता हूं। परिवार में मैं, मेरी पत्नी और दो बच्चे थे। हम लोग एक कमरे में रहते थे। मंगलवार को भी देर शाम को मैं काम खत्म कर घर लौटा तो सबके सब सामान्य थे। चूंकि, ठंड ज्यादा थी। इसलिए रोज की तरह बच्चों ने अंगीठी जला दी। हम लोगों ने साथ में खाना खाया। इसके कुछ देर बाद ही सबकी तबीयत गड़बड़ होने लगी। बच्चों को उल्टियां होने लगी। पत्नी को घबराहट होने लगी। इसके बाद मैंने अपनी मां को भिंड फोन मिलाया। उसे पूरी बात बताई। उसने मेरी बात तांत्रिक से कराई। उसने मुझे बताया कि तुम्हारे और तुम्हारे परिवार पर भूत-प्रेत का साया है। मुझे भी लगता था क्योंकि मेरे साथ के लोग मुझसे जलते भी थे। मैं उधर बात करता रहा। इधर सब बेसुध होते रहे। अंत में मैं भी बात करते करते बेसुध हो गया। भाई के परिवार की मौत की खबर सुनकर मध्य प्रदेश से बलरामपुर पहुंचे मंटोले का भाई राम खिलावन ने बताया कि मंगलवार की देर रात लगभग 11 बजे भाई का फोन मां के पास आया। वह बहुत परेशान था। कह रहा था कि सबकी तबीयत बिगड़ रही है। किसी ने मेरे ऊपर तंत्र मंत्र करा दिया है। हमने उससे कहा कि परेशान न हो, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। लगातार रोए जा रहा था। तब मां ने घर में गांव के तांत्रिक को बुलाया। उससे बात कराई। बातचीत में उसने तंत्र मंत्र का साया होने की बात कही। हम लोगों ने भी गांव में तंत्र मंत्र का साया हटाने के लिए रात में ही पूजा शुरू कर दी। भाई उधर से फोन पर संपर्क में था। वह बारी-बारी से बता भी रहा था कि सब बेहोश हो रहे हैं। हम लोगों ने दवाई के लिए भी कहा। लेकिन वह दवाई काम नहीं कर रही थी। रात 3 बजे तक हम लोग बात करते रहे। उसके बाद हम लोगों का संपर्क टूट गया। मुझे लगता है कि तभी वह बेहोश हुआ था।
राम खिलावन ने बताया कि मेरे पास भतीजों के टीचर का फोन नंबर था। उन्हें रात में फोन किया। बड़ी मुश्किल से वह सुबह जाने को तैयार हुए। उसके बाद वह सुबह पुलिस के साथ भाई के घर पहुंचे। तब घटना के बारे में पता चला। मंगलवार की रात बीत चुकी थी। पुलिस जब बुधवार को मंटोले के घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार खटखटाने के बावजूद जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर चार लोग बेसुध पड़े थे। पुलिस जब चारों को अस्पताल लेकर पहुंची तो डॉक्टरों ने तीन को मृत घोषित कर दिया। जबकि मंटोले का इलाज गंभीर हालत में शुरू किया गया। डॉक्टरों ने फिलहाल मंटोले की जान बचा ली। गुरुवार को पुलिस ने तीनों मृतकों की बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तो सामने नहीं आई है लेकिन पुलिस की थ्योरी है कि कमरे में अंगीठी जल रही थी। जबकि कमरे में वेंटिलेशन के लिए जगह न के बराबर थी। इसी वजह से दम घुटने से तीनों की मौत हुई थी। यह दर्दनाक घटना बलरामपुर के कोतवाली उतरौला के ग्राम लालगंज की है। जब सूचना सामने आई तो यही बताया गया कि परिवार ने जहर खा लिया है। मंटोले अपनी पत्नी रेखा (38) और दो बच्चों लक्ष्मी (11) और कान्हा (8) के साथ उतरौला में रहता था। यहां वो पानी पूरी बेचने का काम करता था। पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे मंटोले की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उसने कहा कि जो अंगीठी के धुंए से मौत कही जा रही है तो हम लोग तो रोज अंगीठी जलाते थे। तब मौत क्यों नहीं हुई। उसने बताया कि लोगों ने मेरे व्यापार के जलन में मेरे ऊपर तंत्र मंत्र करा दिया है। जिसकी सजा मेरे परिवार को भुगतनी पड़ी। अब मैं यहां नहीं रूकूंगा। अपने गांव चला जाउंगा।

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जानकी शरण द्विवेदी
