संवाददाता
बहराइच। अरे! रुको वहाँ कुछ है। वह खामोशी से घने जंगल में अपनी टीम के साथ खड़ी हो गयी। चारों तरफ सन्नाटा था, मानो सब कुछ रुक गया हो। टीम में सभी महिलाएं थीं और उनके ठीक सामने तेंदुआ अपने बच्चों के साथ घने जंगलों की ओर जा रहा था। पगडंडियों पर चल रही इस स्वास्थ्य टीम के पास काले बैग में डायरी और पेन के सिवा कुछ भी नहीं था। यह सभी खुद की जान जोखिम में डालकर माँ व शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध थीं।
जनपद मुख्यालय से 65 किमी दूर मिहींपुरवा ब्लॉक घने जंगलों से आच्छादित है। यहाँ के करीब 25 गाँव जंगलों के बीच में बसे हैं। स्वास्थ्य कर्मी जंगल झाड़ियों और विकट पगडंडियों से होकर इन गाँवों तक पहुँचते हैं। बरसात के मौसम में इन रास्तों पर पैदल ही जाना पड़ता है। इस दौरान जंगली जानवरों के भय के अलावा मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी रहती है। नेपाल सीमा से सटे बोझिया और निधीपुरवा उपकेंद्र की आशा संगिनी प्रतिमा रोजाना इन्ही रास्तों से 24 आशाओं के कार्यक्षेत्र में भ्रमण करती हैं। जंगली जानवरों के भय के कारण सूरज ढलने से पहले इन्हे अपने घर वापस आना पड़ता है। प्रतिमा बताती हैं कि शाम को क्षेत्र से वापस आते समय दो बार जंगली जानवरों से इनका सामना हो चुका है। एक बार अपनी आशाओं के साथ पैदल जाते हुए अचानक उन्होने तेंदुआ देखा जो अपने बच्चों के साथ घने जंगल की ओर जा रहा था। उनके साथ में सिर्फ महिलाएं ही थी। सभी डरी हुईं थी और एक दूसरे का हाथ पकड़कर पेड़ की ओट में छुप गईं। दूसरी बार इन्हांने शेर को जंगल में जाते हुए देखा। इस बार भी किस्मत ने इनका साथ दिया और सुरक्षित अपने घर पहुँच गईं।
प्रतिमा कहती हैं कि माँ और नवजात स्वस्थ रहें इसके लिए उनकी सही समय पर देखभाल जरूरी है। इसके लिए हम अपनी टीम के साथ हमेशा तत्पर रहते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर के अधीक्षक डॉ अनुराग वर्मा बताते हैं कि टीकाकरण सहित दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य टीम को ऐसे स्थानों पर भी जाना पड़ता है, जहां पहुँचने के लिए सुरक्षित रास्ते भी नहीं हैं। इन मुश्किल हालत में भी यहाँ की महिला स्वास्थ्य टीम कड़ी मेहनत के बलबूते लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंचा रहीं हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जेके चौबे ने बताया कि बोझिया गाँव में कंजड़ समुदाय के लोग रहते हैं। उनमें कोविड टीका को लेकर बड़ी भ्रांति थी। कोई भी टीका लगवाने के लिए तैयार नहीं था। लेकिन आशा संगिनी प्रतिमा और उनकी टीम के लगातार प्रयासों से 350 के सापेक्ष 300 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। गाँव के प्रधान सफीकुल निशा कहती हैं अफवाहों के कारण लोगों में कोविड टीके को लेकर डर था, लेकिन संगिनी प्रतिमा और उनकी आशा ने घर-घर जाकर लोगों को समझाया। धीरे-धीरे भ्रांतियाँ दूर हुईं और आज हमारा गाँव महामारी से सुरक्षित हो गया।

आवश्यकता है संवाददाताओं की
तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com को गोण्डा जिले के सभी विकास खण्डों व समाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों तथा देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती तथा लखनऊ मण्डलों के अन्तर्गत आने वाले जनपद मुख्यालयों पर युवा व उत्साही संवाददाताओं की आवश्यकता है। मोबाइल अथवा कम्प्यूटर पर हिन्दी टाइपिंग का ज्ञान होना आवश्यक है। इच्छुक युवक युवतियां अपना बायोडाटा निम्न पते पर भेजें : jsdwivedi68@gmail.com
जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
मोबाइल – 9452137310
कलमकारों से ..
तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे :
जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
E-Mail : jsdwivedi68@gmail.com
