संवाददाता
बहराइच। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन परिसर में 11 दिव्यागोंं को ट्राई साइकिल व यूडीआईडी कार्ड, पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के अन्तर्गत 08 लाभार्थियों को शादी अनुदान का स्वीकृति पत्र तथा अत्यधिक ठंड व शीतलहरी से बचाव के लिए 11 दिव्यागंजनों सहित 19 लोगों को कम्बल का वितरण किया। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट अनिल कुमार सिंह, तहसीलदार सदर राज कुमार बैठा, दिव्यागंजन सशक्तिकरण अधिकारी ए.के. गौतम, दिव्यांगजन कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के वरिष्ठ सहायक, पार्टी पदाधिकारी व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने कहा कि संसार का कोई भी व्यक्ति सम्पूर्ण नहीं है। सभी में किसी न किसी चीज़ की कमी अवश्य होती है। लेकिन यह एक प्रकार का नैसर्गिंक न्याय है कि प्रकृति जब किसी व्यक्ति का कोई अंग या बुद्धिमत्ता को छीन लेती है तो उतनी ही खूबी के साथ ही उसकी भरपाई छठी इंद्री के माध्यम से कर देती है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य व्यक्ति की तरह देख न पाने वाला व्यक्ति लोगों को उनकी आवाज़ मात्र से पहचान लेता है और कोई भी जटिल से जटिल वस्तु हाथ में आने पर वह स्पर्श मात्र से ही असली और नकली की पहचान भी कर लेता है। उन्होंने कहा कि जिसे हम अपनी भाषा में छठी इंद्री कहते हैं यह एक तरह से दिव्यांगजनों को ईश्वरीय उपहार है।
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मंत्री ने बताया कि दिव्यागंजनों के कल्याण हेतु दिव्यागंजन सशक्तिकण विभाग द्वारा दिव्यांग पेंशन, दिव्यागं शादी अनुदान, सहायक उपकरण वितरण एवं दिव्यागंजनों को स्वरोजगार मुहैया कराकर स्वावलम्बन बनाये जाने के उद्देश्य से दुकान निर्माण इत्यादि योजनाएं संचालित की जा रही है। यूडीआईडी कार्ड दिव्यागंजनों के लिए एक यूनिक पहचान पत्र है। इस कार्ड से दिव्यागंजन सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के साथ पेंशन भी प्राप्त कर सकते है, बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकते है। यूडीआईडी कार्ड का सबसे बड़ा महत्व यह है कि प्रदेश के अलावा यह कार्ड सम्पूर्ण भारत में भी मान्य है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछड़े वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की कन्याओं के हाथ पीला करने के लिए पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना, पिछडे़ वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति योजना तथा पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवाओं को कौशल के रूप में दक्ष करने के लिए निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना भी संचालित की जा रही है। राजभर ने कहा कि ठीक इसी प्रकार से सरकार की भी जिम्मेदारी है कि हाथ, पैर, ऑख, कॉन अथवा दीमागी रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की पेंशन, कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण के माध्यम से मदद की जाए, ताकि उनके जीवन में कुछ आसानी हो सके। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की मदद कर सरकार उन पर कोई उपकार नहीं कर रही है बल्कि दिव्यांगजन सरकार की मदद को स्वीकार कर कृतज्ञ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास ही प्रदेश सरकार की कटिबद्धता है।
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