संवाददाता
बहराइच। प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सांसद अक्षयवर लाल गोंड, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी के साथ कृषि विज्ञान केन्द्र बहराइच प्रथम का भ्रमण कर आचार्य नरेंद्र देव एवं कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या के कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह, निदेशक प्रसार प्रोफेसर ए.पी. राव, उप कृषि निदेशक डॉ. आर.के. सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच प्रथम के प्रभारी अधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह तथा कृषि विज्ञान केन्द्र नानपारा बहराइच के अध्यक्ष डॉ. बी.पी. शाही तथा कृषि विज्ञान केन्द्र बहराइच के अन्य वैज्ञानिकों व अधिकारियों के साथ बैठक कर कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान शाही ने निर्देश दिया कि किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों तथा अनुसंधानों को आगे बढ़ाया जाय जिससे किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य सन 2022 तक अवश्य पूरा कर लिया जाय। श्री शाही ने सुझाव दिया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु किसानों को समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाने की सलाह दी जाय।
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सांसद बहराइच एवं विधायक पयागपुर की ओर से सुझाव प्राप्त हुआ कि किसानों का प्रदर्शन के लिए चयन क्षेत्र के विधायकों के द्वारा प्राप्त सूची के आधार पर किया जाए तथा यह भी सुनिश्चित किया जाय कि एक बार में एक ही किसान को कृषि योजनाओं का लाभ मिले। कुलपति डॉ. सिंह ने सुझाव दिया कि कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से नवयुवकों को रोज़गारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जाय ताकि बेरोज़गारी की समस्या पर अंकुश लग सके। कृषि विश्वविद्यालय की विभिन्न परियोजनाओं को सुचारू रूप से संचालित किये जाने के उद्देश्य से डॉ. सिंह द्वारा कृषि मंत्री से अतिरिक्त बजट आवंटन की भी अपेक्षा की गयी। बैठक के दौरान निदेशक प्रसार प्रोफेसर श्री राव द्वारा फसल अवशेष प्रबन्धन में विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों की उपलब्धियों की जानकारी दी गयी। केन्द्र प्रभारी डॉ. एम.पी. सिंह ने कृषि विज्ञान केन्द्र का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि केन्द्र द्वारा प्रवासी श्रमिकों को 18 ट्रेनिंग दी गई थी जिनमें से 80 लोगो द्वारा अपना व्यवसाय मशरूम, वर्मी कम्पोस्ट, मधुमक्खी पालन के रूप में शुरू कर दिया गया है। नानपारा कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष ने जनजातीय गांव में चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। जबकि उप कृषि निदेशक डॉ. आर.के. सिंह द्वारा जनपद में विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति से अवगत कराया गया।
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बैठक से पूर्व कृषि मंत्री श्री शाही ने सांसद बहराइच व विधायक पयागपुर सहित अन्य अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों के साथ कृषि विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण कर नवनिर्मित भवनों व चहारदीवारी को देखा तथा कार्यदायी संस्था उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम के अभियन्ता को निर्देशित किया कि कार्य की गुणवत्ता को बनाये रखते हुए कार्य को माह के अन्त तक अवश्य पूरा कर लिया जाय। कृषि मंत्री ने कुलपति डॉ. सिंह व अन्य के साथ प्रक्षेत्र पर बीज उत्पादन के लिए लगायें गये स्टाल गेहॅू की प्रजाति एचडी 3271, मसूर की नवीन प्रजाति आई.पी.एल 316, अरहर की प्रजाति नरेंद्र अरहर-1 के साथ-साथ प्रक्षेत्र पर लगायी गयी गेहॅू की 14, मक्के की 04, मसूर व सरसों की 03-03 प्रजातियों का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान श्री शाही ने निर्देश दिया कि सर्वश्रेष्ठ प्रजातियों का चयन कर किसानों के खेत पर प्रदर्शन कराया जाय। मंत्री श्री शाही ने कृषि विज्ञान केन्द्र स्थित पॉली हाउस का भी निरीक्षण कर रोपित की जाने वाली टमाटर एवं शिमला मिर्च की प्रजातियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
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