लखनऊ(हि.स.)। मोहनलालगंज विधानसभा सीट पर रविवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पदाधिकारियों ने बैठक कर बूथ की स्थिति भांपने की कोशिश की। पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में मोहनलालगंज सीट पर 530 मतों की हार का सामना करने वाली बसपा के जिलाध्यक्ष कमजोर बूथों को मजबूत करने में जुटे हैं।
मोहनलालगंज में बसपा की संगठनात्मक स्थिति मजबूत रही है। संगठन के पदाधिकारी पूरे वर्ष विभिन्न आयोजनों के माध्यम से कार्यकर्ताओं का जोश बनाये रखते हैं। रविवार की सुबह के वक्त बसपा के जिलाध्यक्ष अखिलेश और मोहनलालगंज के प्रभारी, बूथ प्रभारियों ने बैठक की तो उसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं का पहुंचना हुआ। बसपा कार्यकर्ताओं ने जोश दिखाते हुए जमकर नारेबाजी की और जय सियाराम के नारे को भी दोहराते दिखे।
बसपा जिलाध्यक्ष ने बैठक में आये टिकट के दावेदरों को अपने सामने बुलाया और उनसे बूथ प्रबंधन की योजनाओं के बारें में जानकारी की। जिलाध्यक्ष ने बूथ पर अपनी तैयारियों पर चर्चा करते हुए प्रत्येक स्थिति में बसपा कार्यकर्ताओं के बूथ पर डटे रहने और मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक पहुंचाने की रणनीति पर काम करने की जरुरत बतायी।
बसपा कार्यकर्ताओं ने मोहनलालगंज में दूसरे दलों की ओर से चलाये जा रही भ्रामक सूचनाओं के बारें में बताया। इस पर जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को सावधान रहते हुए आगे बढ़ने और बसपा अध्यक्ष मायावती के दिये मंत्र को ध्यान में रखने की अपील की।
बसपा जिलाध्यक्ष अखिलेश ने कहा कि विधानसभा चुनावों में वर्ष 2002 से अभी तक बसपा के मत प्रतिशत बढ़ता ही गया है। वर्ष 2002 में बसपा के प्रत्याशी को 13.39 मत मिले थे। वर्ष 2007 में 23.43 मत मिले और 2012 में 22.15 मत प्राप्त हुए थे। वर्ष 2017 के चुनाव में तो बसपा के प्रत्याशी रामबहादुर सपा के प्रत्याशी से कड़े मुकाबले में 530 मतों से हारे थे।
इस बार बसपा मोहनलालगंज में जीत का झंडा फहराने के लिए तैयारी कर रही है। पार्टी के नीति पर चलते हुए बसपा लखनऊ में कई सीटें जीतने जा रही है।
