लखनऊ(हि. स.)। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन में कई बातें खुल रही हैं। निर्दोष कुमार और आकाश कुमार एक्ससीएन ने मेरी बातों की पुष्टि की है। मंत्री जी की दलीलें सभी को याद होंगी। रश्मि मैटेलिक ने मुझे 5 हजार करोड़ का नोटिस भेजा लेकिन न्यायालय में आते-आते नोटिस 10 लाख का हो गया। मेरे वकील न्यायालय में अपनी बात रखेंगे।
उत्तर प्रदेश के प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पत्रकारों से कहा कि जल जीवन मिशन में बिना एस्टीमेट बनाये ही टेंडर करा दिया गया। अधिशासी निदेशक अखण्ड प्रताप सिंह ने चिट्ठी प्रेषित की है।
बार बार कहा गया हमने थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था करायी है। इसमें कम्पनियों की रिपोर्ट सामने आ गयी हैं, मेसर्स एलएनटी, मेघा इंजीनियरिंग, जेएमसी, तारा इंजीनियरिंग लिमिटेड, एनके गुप्ता कम्पनी, उनी प्रो प्राइवेट लिमिटेड, एलएलसी, जैन कन्स्ट्रक्शन, बृज इंजीनियरिंग जैसी कम्पनी ने अपनी रिपोर्ट देती रही और बताती रही कि कार्य सही तरीके से काम नहीं हो रहा है। मौके पर कार्य सही नहीं हो रहा है। समस्त रूप से एजेंसियों की प्रगति असंतोषजनक है। कम्पनियों के रिपोर्ट में प्रमुख सचिव अनुराग के हस्ताक्षर है।
यूपी के ठेकेदारों को काम देने पर सरकार बहाने करती रही, कहते थे बड़े-बड़े कम्पनी बुलाकर काम दिया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार नहीं होगा। बाद में कमीशन लेकर काम दिया गया। उन्होंने कहा कि यह नोटिस भेजने वाली कम्पनियों की हालत पहले ही खराब है। अपने ही कार्य की रिपोर्ट प्रस्तुत कर रही हैं। सरकार मुझे तो दबा सकती है, कम्पनियों के रिपोर्ट को कैसे दबाएंगे।
