मेरठ(हि.स.)। चौधरी चरण सिंह विवि का दीक्षांत समारोह इस बार पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती 23 दिसम्बर को आयोजित होगा। अभी तक अलग तिथि पर विवि का दीक्षांत समारोह होता था। इस बार राज्यपाल का समय 23 दिसम्बर को मिलने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती पर दीक्षांत समारोह आयोजित हो रहा है।
मेरठ विवि की स्थापना 1965 में हुई थी। 1994 में उप्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने विवि का नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर कर दिया। लंबे समय तक विवि के दीक्षांत समारोह बंद रहे। बाद में प्रत्येक वर्ष दीक्षांत समारोह का आयोजन होने लगा। इस बार दीक्षांत समारोह 23 दिसम्बर को आयोजित किया जा रहा है। इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती है और उनके नाम के विवि का दीक्षांत समारोह उनकी जयंती पर होने के कारण छात्र और शिक्षक प्रफुल्लित है।
विवि के प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र गुप्ता ने बताया कि दीक्षांत मसारोह की अध्यक्षता प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल करेंगी और मुख्य अतिथि इंस्टीट्यूट फॉर स्टडीज इन इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट (आईएसआईडी) के निदेशक नागेश कुमार होंगे। वे यूनाइटेड नेशंस इकोनोमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड पैसिफिक के निदेशक रह चुके हैं।
प्रत्येक वर्ष 23 दिसम्बर को ही आयोजित हो दीक्षांत समारोह
विवि के छात्र नेता संतोष त्यागी का कहना है कि प्रत्येक वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती 23 दिसम्बर को ही विवि का दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाना चाहिए। इससे पूर्व प्रधानमंत्री के विचारों को भी छात्रों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
राज्यपाल की उपलब्धता से होता दीक्षांत समारोह
विवि के अधिकारियों का कहना है कि विवि की कुलाधिपति व राज्यपाल की उपलब्धि के आधार पर ही दीक्षांत समारोह की तिथि तय की जाती है। विवि को 23 दिसम्बर को दीक्षांत समारोह आयोजित करने में कोई समस्या नहीं है। राज्यपाल की उपलब्धता पर ही तिथि तय की जाती है।
कुलदीप
